वाजपेयी बने ऐसे पहले नेता, जिनके जीते जी उनके नाम हैं सबसे अधिक योजनाएं

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नई दिल्ली। गर्मियों के दौरान 2004 में हाइवे पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बहुत सारे होर्डिंग लगाकर दिखाया जा रहा था कि दैश कैसे आगे बढ़ रहा है। करीब 125 करोड़ रुपए वाजपेयी की तस्वीरों को चमकाने में ही खर्च हो गए थे। 'इंडिया शाइनिंग' के नारों के साथ प्रचार अभियान चलाया गया।

atal bihari vajpayee

पार्टी ने पूरी कोशिश की कि अटल बिहारी जैसे लोकप्रिय नेता की छवि के चलते वह चुनावी लाभ ले सकें। पार्टी ने 'दृष्टि अटल पर, वोट का अबकी बारी, अटल बिमल पर', 'हरी', 'द मैन इंडिया अवेट्स' जैसे नारों का सहारा लेकर भी लोगों का वोट पाना चाहा, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। इसके बाद कांग्रेस के सत्ता में आते ही सारा फोकस नेहरू-गांधी पर चला गया।

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लेकिन जब 2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी दोबारा सत्ता में आई तो अटल बिहारी वाजपेयी दोबारा फोकस में आ गए। इस तरह 90 वर्षीय अटल बिहारी पहले ऐसे नेता बन गए हैं, जिनके जीते जी उनके नाम पर सबसे अधिक आधिकारिक योजनाएं और इंस्टीट्यूशन के नाम रखे गए हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।

हालांकि, अगर किसी के जीते जी या मरने के बाद कुल योजनाओं पर ध्यान दें, तो सबसे अधिक योजनाएं नेहरू और गांधी के नाम पर ही हैं। मोदी सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम को दोबारा चमकाने के लिए कई सारे प्रयास शुरू कर दिए हैं। अब उनके नाम पर दर्जनों विकास और कल्याण योजनाएं हैं।

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मोदी सरकार ने वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर को गुड गवर्नेंस डे के नाम मनाने की घोषणा कर दी। प्रधानमंत्री पेंशन योजना का नाम बदलकर अटल पेंशन योजना कर दिया गया और पिछले ही साल वाजपेयी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। पिछले साल ही मोदी सरकार ने जवाहरलाल नेहरू नेशनल अरबन रेन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) की जगह अटल मिशन फॉर रेजुनेनेशन एंड अरबन ट्रांसफॉर्मेशन (एएमआरयूटी) की शुरुआत की।

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बीजेपी शासित राज्यों न भी अटल बिहारी वाजपेयी पर फोकस करना शुरू कर दिया है। राजस्थान सरकार ने राजीव गांधी सेवा केन्द्रों और सुविधा केन्द्रों का नाम बदल दिया। साथ ही, करीब 9000 ग्राम पंचायत केन्द्रों का नाम भी वाजपेयी के नाम पर रख दिया गया। वहीं दूसरी ओर, मध्य प्रदेश की सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ गुड गवर्नेंस एंड पॉलिसी एनालिसिस की स्थापना कर दी।

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English summary
vajpayee became the first leader to hold most schemes while he is alive
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