Success Story: बच्चे को जन्म देने के 2 दिन बाद 250 KM दूर एग्जाम देने गईं थीं श्रीपति,पढ़ें संघर्ष की ये कहानी
Tribal woman judge Sripathi ,तमिलनाडु के आदिवासी समुदाय से आने वाली महिला वी श्रीपति का सिविल जज पद पर चयन हुआ है। वह अपने राज्य की पहली महिला आदिवासी हैं। जिनका सिविल जज के लिए चयन हुआ है।
सिविल जज वी श्रीपति की संघर्ष की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। परीक्षा से दो दिन पहले श्रीपति की डिलीवरी हुई थी और उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को जन्म देने के बाद वह एग्जाम देने गईं थीं।

तिरुवन्नामलाई जिले के जवाधु हिल्स की आदिवासी महिला वी श्रीपति की शिक्षा येलागिरी हिल में हुई है। वी श्रीपति मलयाली जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। वी श्रीपति कलियाप्पन और मल्लिगा की सबसे बड़ी बेटी हैं।
उन्होंने अपना बीए. बीएल लॉ कोर्स पूरा किया। पढ़ाई के दौरान ही उनकी शादी हो गई लेकिन श्रीपति ने पढ़ाई जारी रखी। पिछले साल आयोजित हुआ टीएनपीएससी सिविल जज परीक्षा में वह बैठी थीं।
इस दौरान एक हैरान करने बात ये सामने आई कि, जिस दिन श्रीपति का एग्जाम होना था। उसी दिन उनके बच्चे की डिलीवरी की तारीख थी। लेकिन उन्होंने परीक्षा के एक दिन पहले बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बावजूद श्रीपति अपने पति, रिश्तेदारों और दोस्तों की मदद से प्रसव के दो दिन बाद कार से 250 किमी दूर चेन्नई गईं और सिविल जज परीक्षा दी।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा में सफल होने के बाद उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। जिसे पास करने में वह सफल रही। 23 साल की उम्र में सिविल जज के रूप में चुनी जाने वाली वह पहली आदिवासी महिला हैं। उनके गांव ने भी उनकी इस सफलता के लिए स्वागत समारोह आयोजित किया। उनकी इस उपलब्धि ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन समेत कई लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
सीएम एमके स्टालिन ने श्रीपति की उपलब्धि की सराहना करते हुए ट्विटर पर लिखा कि, तिरुवन्नमलाई जिले के जवाधु हिल के बगल के पुलियूर गांव की श्रीपति ने 23 साल की उम्र में सिविल जज परीक्षा पास की है। मुझे यह देखकर खुशी हुई कि एक वंचित पहाड़ी गांव की एक आदिवासी लड़की ने इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की है।'
स्टालिन ने आगे लिखा कि, 'उन्हें यह जानकर गर्व है कि श्रीपति को सरकारी आदेश के माध्यम से न्यायाधीश के रूप में चुना गया है जिसे हमारी सरकार ने तमिल में शिक्षित लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता के रूप में लाया है। सीएम स्टालिन ने उनकी सफलता में सहयोग देने के लिए उनकी मां और पति को धन्यवाद दिया। राज्य के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी उन्हें बधाई दी।












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