उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के सामने 10 बड़ी चुनौतियां

बिजली चोरी के नए नए तरीके पावर कॉर्पोरेशन के सामने चुनौती बन खड़े हुए हैं। आईये नजर डालतें हैं बिजली चोरी के कुछ तरीकों पर:
कटिया: प्रदेश में कटिया लगाकर बिजली चोरी करना आम बात हो गयी है। कटिया द्वारा ही सबसे जयादा बिजली चोरी की जाती है। नई कालोनियों, अवैध बस्तियों और घनी आबादी व सक्रिय गलियों वाले इलाके में कटिया से चोरी करना एक आम बात है।
अस्थायी कनेक्शन: बिजली चोरी में अस्थायी कनेक्शन वालों का भी बड़ा हाथ है। सड़क के किनारे, दुकानो, गुमटियों और खोमचे वाले अस्थायी कनेक्शन बिना मीटर मनचाही बिजली इस्तेमाल करते हैं।
बिना मीटर कनेक्शन: कई ऐसी जगहें हैं जहाँ कनेक्शन तो लिए गए हैं लेकिन वहां मीटर नहीं लगे। ऐसा नहीं है कि इन जगहों पर मीटर नहीं एलॉट नहीं किये हैं, मीटर एलॉट हैं पर छोटे छोटे कर्मचारी अपने थोड़े से लाभ के लिए मीटर जल्दी नहीं लगाते।
धीमा मीटर: बिजली चोरी का एक और आसान तरीका है मीटर धीमा करना। लोग चिप लगाकर, तो कोई और उपाय करके मीटर धीमा कर देते हैं। जिससे पावर कॉर्पोरेशन को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मीटर और केबल के बीच से कनेक्शन: मीटर के पहले केबिल में कट लगाकर लिए गए कनेक्शन तौर ज्यादा बिजली लेने वाले उपकरण जैसे ऐसी,गीजर, हीटर चलाये जा रहें हैं।
बैकडोर सप्लाई: मीटर कनेक्शन के अलावा एक अतिरिक्त कनेक्शन जो मीटर के बजाये सीधे सप्लाई देता है।
कम लोड कनेक्शन से ऐसी, मोटर: कम लोड कनेक्शन लेकर लोग ऐसी, गीजर और मोटर चला रहे इससे फिक्स चार्ज कम देना पड़ता है।
स्ट्रीट लाईट पोल से कटिया: इस्ट्रीट लाईट पोल के नीचे से कटिया लगाकर बिजली चोरी नया शगल है।
एबीसी लाईन में कील के जरिये चोरी: एबीसी लाईन यानि एरियल बांच कंडक्टर मोटी केबिल से लैस इस तकनीक का तोड़ भी बिजली चोरो ने निकाल लिया है। एबीसी लाईन के केबिल में कील लगाकर कटिया लगायी जा रही है। बिजली चोरी का यह सबसे नया जुगाड़ है।
बंद मीटर से सप्लाई: मीटर ख़राब कर सप्लाई जारी रखने के इस जुगाड़ से भी लाईन लॉस हो रहा है।












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