अखिलेश की चाहत, यूपी के बच्चे सुनें मोदी का भाषण
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। हालांकि समाजवादी पार्टी और भाजपा में छतीस का आंकड़ा है, पर उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार आगामी 5 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छात्रों को दिए जाने वाले भाषण को उन तक पहुंचाने के लिए हर चंद कोशिश कर रही है। उसकी कोशिश है कि भाषण प्रदेश के लाखों छात्र सुन सकें।

उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने इस बाबत सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री के भाषण को बच्चों तक पहुंचाने के लिए स्कूल पूरी तैयारी कर लें। मोदी का भाषण टेलीविजन, वेबकास्टिंग, लाउडस्पीकर वगैरह से पहुंचाने की तैयारी चल रही है। अखिलेश यादव ने इस काम को सुनिश्चित करने का काम राज्य के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल को सौंपा है। वे सहगल से सारी जानकारी ले रहे हैं। राजधानी में उत्तर प्रदेश सूचना केन्द्र के एक अधिकारी का कहना था कि प्रदेश सरकार को समझ आ गया है कि मोदी से बिगाड़ कर कुछ नहीं मिलेगा।
इस बीच स्कूलों मैनजमेंट से कहा गया है कि वे मोदी के भाषण को सुनवाने की व्यवस्था 4 सितबंर तक कर लें। इस संबंध में कोताही सहन नहीं होगी।
नियमित कार्यक्रम भी हों
एक बात और। सभी स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे 5 सितंबर को अपने नियमित कार्यक्रम भी आयोजित करें। सभी टीचर्स को उस दिन स्कूल आने के भी निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों से कहा गया है कि अगर उनके पास टीवी नहीं हैं तो वे किराए पर लें।
परेशान दिल्ली के स्कूल
उधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 5 सितंबर को अध्यापक दिवस पर देश के सभी छात्रों से मुखातिब होने की इच्छा से कम से कम दिल्ली के बहुत से स्कूल तो काफी परेशान हैं। इनका कहना है कि इस आदेश से वे अध्यापक दिवस पर जो कार्यक्रम करते हैं,उसमें व्यवधान पड़ेगा।
सरकारी फरमान आया है
दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग ने राजधानी के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे मोदी के भाषण को अपने छात्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था कर लें। ध्यान रहे कि 5 सितंबर को मोदी दिन में 3 बजे से लेकर 4.45 बजे तक बच्चों के साथ रहेंगे। पहले उन्हें संबोधित करेंगे। उसके बाद उनके सवालों के जावब भी देने का कार्यक्रम है।
राजधानी के दशमेश स्कूल की प्रबंध कमेटी के प्रमुख बलबीर सिंह ने कहा कि उनके स्कूल के रिसोर्स बहुत ही कम है। इन हालातों में मोदी के भाषण को सब बच्चों तक पहुंचाने के लिए काफी लंबी कवायद करनी होगी। वे यह भी कहते हैं कि हमारे स्कूल की तो छुट्टी दिन में दो बजे हो जाती है। अब आप खुद ही बताएं कि बच्चों को हम कब स्कूल में रखेंगे। शिक्षा विभाग के फऱमान में कहा गया है कि वे टीवी,प्रोजेक्टर और इंटरनेट की व्यवस्था करें ताकि मोदी के भाषण को सब बच्चे सुन सकें।
स्कूल करेंगे अपना कार्यक्रम रद्द
राजधानी के प्रतिष्ठित स्प्रिगडेल्स स्कूल की प्रिंसिपल अमिता मुल्ला वटल ने एक साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री का बच्चों से सीधे मुखातिब होना अच्छी बात है। पर टीचर्स डे को अध्यापक और स्टूडेंट्स अपने तरीके से मनाते हैं। स्कूलों में अलग-अलग कार्यक्रम होते हैं। अब सरकारी फरमान के बाद तो हमें अपने पहले से तय सारे कार्यक्रम रद्द करने होंगे।
भाषण सुनने की इच्छा नहीं
उधर, देश के नामवर माडर्न स्कूल के एक टीचर ने अपना नाम न छापने की शर्त पर कहा कि बच्चों की मोदी के भाषण को सुनने की कोई इच्छा नहीं है। छात्र इस बात की हमें जानकारी भी दे रहे हैं। वे यह भी कहते हैं कि मोदी के भाषण को सुनाने की व्यवस्था करना सब स्कूलों के बस में नहीं है। कायदे से मोदी को टीवी पर अपना भाषण दे देना चाहिए। किसी पर दबाव नहीं डाला जानी चाहिए कि वह उनका भाषण हर हाल में सुने ही।












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