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BBC EXCLUSIVE: तेलंगना का अनुदीप बन गया सिविल सेवा टॉपर

By Bbc Hindi
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    संघ लोक सेवा आयोग ने साल 2017 की परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं.

    इस बार कुल 990 अभ्यर्थियों ने बाज़ी मारी है. हैदराबाद के अनुदीप दूरीशेट्टी ने परीक्षा टॉप की है.

    बीबीसी ने अनुदीप से ख़ास बातचीत की.

    "मैं बहुत ख़ुश हूं और आगे जो ज़िम्मेदारी मेरा इंतज़ार कर रही है उससे वाक़िफ़ हूं. रैंक से ज़्यादा बड़ी वो ज़िम्मेदारी है जो मेरे आगे है. मैं अपने परिजनों, दोस्तों और अध्यापकों का शुक्रिया करता हूं जिन्होंने मेरा सहयोग किया."

    अनुदीप कहते हैं कि मैं आज यहां सिर्फ़ अपनी मेहनत के दम पर पहुंचा हूं. मेहनत का कोई विकल्प नहीं.

    अनुदीप कहते हैं, "हम जो भी करें, चाहें परीक्षा दे रहे हों या कोई खेल खेल रहे हों, या जो भी कर रहे हैं, हमारा लक्ष्य हमेशा उत्कृष्टता होनी चाहिए. मैंने यही अपने पिता से सीखा और परीक्षा की तैयारी में इसे लागू किया."

    अनुदीप को इतिहास पढ़ने का शौक़ है. वो अमरीका के राष्ट्रपति रहे महान नेता अब्राहम लिंकन के व्यक्तित्व से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं.

    अनुदीप कहते हैं, "अब्राहम लिंकन हमेशा से मेरी प्रेरणा का स्रोत रहे. वो एक महान नेता का उदाहरण हैं. बेहद मुश्किल हालातों में चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपने देश का नेतृत्व किया. मैं हमेशा उनसे प्रेरणा लेता हूं."

    अपनी तैयारी के बारे में अनुदीप बताते हैं, "ये बेहद मुश्किल परीक्षा होती है क्योंकि बहुत से योग्य लोग इसके लिए तैयारी करते हैं. आज भी बहुत से योग्य लोगों का नाम चयनित उम्मीदवारों की सूची में है. आप कितने घंटे पढ़ रहे हैं इससे ज़्यादा महत्वपूर्ण ये है कि आप क्या पढ़ रहे हैं और कैसे पढ़ रहे हैं."

    अनुदीप 2013 में भी सिविल सेवा में चयनित हुए थे. तब वो भारतीय राजस्व सेवा के लिए चुने गए थे और वो फिलहाल हैदराबाद में तैनात थे.

    अनुदीप कहते हैं, "मैं हैदराबाद में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात हूं. नौकरी करते हुए मैं तैयारी कर रहा था. सप्ताहांत के अलावा मुझे जब भी समय मिलता मैं तैयारी करता. मेरा यही मानना है कि पढ़ाई की गुणवत्ता और एकाग्रता मायने रखती है. हमें हमेशा सर्वश्रेष्ठ के लिए कोशिश करनी चाहिए. सिर्फ़ मेहनत और उतकृष्टता के लिए प्रयास ही मायने रखता है. नतीजा अपने आप आ जाता है."

    अनुदीप को पढ़ने का शौक है और उन्हें फुटबाल में गहरी दिलचस्पी है. बचपन से ही वो फुटबॉल खेलते हैं और फुटबॉल के मैच देखते हैं.

    अनुदीप कहते हैं, "फुटबॉल मेरे जीवन का हमेशा से अहम हिस्सा रही है. मैं खूब खेलता भी हूं और खूब देखता भी हूं. जब भी तनाव होता है तो इसे तनाव दूर करने के लिए भी इस्तेमाल करता हूं. इसके अलावा मुझे पढ़ने का बहुत शौक है. मैं फ़िक्शन (काल्पनिक कहानियां) ज़्यादा नहीं पढ़ता बल्कि विषयों पर किताबें पढ़ता हूं."

    अनुदीप कहते हैं, "मुझे जब भी खाली समय मिलता है मैं या तो खेलता हूं और या पढ़ता हूं. मुझे लगता है कि सभी को अपने शौक रखने चाहिए. ये न सिर्फ़ हमें तनाव से दूर रखते हैं बल्कि हमारे चरित्र का निर्माण भी करते हैं. बल्कि मैं ये कहूंगा कि हमारे शौक ही हमें पूरा इंसान बनाते हैं."

    अनुदीप के परिवार के लिए ये सबसे बड़ी ख़ुशी के पल हैं. वो कहते हैं, "ये ख़बर सुनने के बाद मेरी मां की आंखों से आंसू बहने लगे, मेरे पिता तो अभी तक यक़ीन ही नहीं कर पाएं हैं. ये बेहद ख़ुशी का पल है. मैं भी अभी तक यक़ीन नहीं कर पा रहा हूं. ये मेरे लिए अविश्वस्नीय पल हैं. मैं सबका शुक्रिया अदा करता हूं."

    अनुदीप का मानना है कि जो भी काम उन्हें दिया जाएगा वो करेंगे लेकिन वो चाहेंगे कि वो शिक्षा के क्षेत्र में काम कर पाएं.

    अनुदीप कहते हैं, "मुझे लगता है कि हमें शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ने की ज़रूरत है. दुनिया के विकसित देश, उदाहरण के तौर पर स्कैनडेनेवियन देशों में सबसे ज़्यादा ज़ोर शिक्षा पर ही है. मज़बूत शिक्षा व्यवस्था ही उनके विकास की जड़ है. अगर हमें नया भारत बनाना है तो अपनी शिक्षा व्यवस्था को सुधारना होगा. हम इस दिशा में काम कर रहे हैं और आगे भी काम करने की ज़रूरत है. मैं अपने विकास की यात्रा में छोटी ही सही लेकिन भूमिका निभाना चाहता हूं."

    अनुदीप का परिवार तेलंगना के एक गांव से आता है. अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पिता को देते हुए अनुदीप कहते हैं, "मेरे पिता मेरे रोल मॉडल है. वो तेलंगना के एक दूरस्थ गरीब इलाक़े से आते हैं. अपनी मेहनत के दम पर वो आगे बढ़े और मुझे बेहतर शिक्षा मिल सकी. उन्होंने हमेशा मेरा सहयोग किया है. वो अपने कार्यस्थल पर भी बेहद मेहनत करते हैं और उच्च मापदंडों का पालन करते हैं. मैंने अपने जीवन में हमेशा उन जैसा बनना चाहा है."

    अनुदीप कहते हैं, "हमारे प्रेरणास्रोत हमारे इर्द-गिर्द ही होते हैं बस हमें उन्हें पहचानने की ज़रूरत है. "

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    English summary
    UPSC topper Anudeep Durishetty profile and interview Civil Services 2017 examinations results

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