12th Fail के गौरी भैया जैसी है मुखर्जी नगर के पुष्पेंद्र भैया की कहानी, 28 सालों से जारी है अफसर बनने की कोशिश
UPSC bhaiyas IAS aspirants Mukerjee Nagar: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)-2023 का फाइनल रिजल्ट जारी होते ही, चारों तरह सफल हुए उम्मीदवारों की चर्चा हो रही है। लेकिन इनमें से कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें सफलता नहीं मिली है।
इस बीच दिल्ली के मुखर्जी नगर के एक शख्स की कहानी सामने आई है, जो अब तक UPSC और स्टेट PCS को मिलाकर 73 प्रिलिम्स की परीक्षाएं दे चुके हैं।

IPS मनोज शर्मा रहे चुके हैं रूममेट, विकास दिव्यकीर्ति भी साथ कर चुके हैं तैयारी
दिल्ली के मुखर्जी नगर यूपीएससी और पीसीएस की तैयारी करने के लिए देशभर में मशहूर है। 48 वर्षीय पुष्पेंद्र श्रीवास्तव (Pushpendra Srivastava) यहां 1996 में आए थे और तब से वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। पुष्पेंद्र मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गांव बंभौरी के रहने वाले हैं। पुष्पेंद्र के माता-पिता दोनों ही सरकारी शिक्षक हैं।
पूरे मुखर्जी नगर में पुष्पेंद्र श्रीवास्तव 'पुष्पेंद्र भैया' (Pushpendra Bhaiya) के नाम से मशहूर हैं। इनकी कहानी बहुत हद तक 12th Fail फिल्म के गौरी भैया से मिलती है। फर्क सिर्फ इतना है कि ये 28 सालों से सिविल सर्विस की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और इनकी कोशिश अब भी जारी है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि फिल्म 12th Fail के आईपीएस मनोज शर्मा मुखर्जी नगर में इनके रूममेट रह चुके हैं। सिर्फ इतना ही नहीं दृष्टि कोचिंग सेंटर वाले विकास दिव्यकीर्ति सर भी इनके साथ यूपीएससी की तैयारी कर चुके हैं।

अभी पुष्पेंद्र भैया की कोशिश जारी है, अफसर बनने की ही इन्होंने ठानी है...
पुष्पेंद्र भैया ने हाल ही में 9 अप्रैल को 43वीं बार मेंस लिखा है और 8 बार इनका इंटरव्यू राउंड भी हो चुका है। लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। पुष्पेंद्र भैया अब आने वाले दिनों में 9वां इंटरव्यू मध्य प्रदेश पीसीएस की देने वाले हैं। इतना ही नहीं उनके पास बिहार पीसीएस में भी एक मौका बचा है।
पुष्पेंद्र श्रीवास्तव साल 1996 से प्रतियोगी परीक्षाएं दे रहे हैं। पुष्पेंद्र श्रीवास्तव मुखर्जी नगर के नेहरू विहार में रहते हैं। यहां का शायद ही कोई छात्र होगा, जो उनको नहीं जानता है। पुष्पेंद्र ने अभी तक शादी नहीं की है और बीते 28 सालों से वह कोशिश कर रहे हैं...उनका कहना है कि अफसर बनना अब उनका जिद्द बन चुका है।
पुष्पेंद्र किसी परीक्षा की प्री में नहीं हुए फेल
पुष्पेंद्र का दावा है कि आज तक उन्होंने जितनी भी परीक्षा दी है, वो किसी भी परीक्षा के प्री में असफल नहीं हुए हैं। उन्होंने कुछ मेंस की परीक्षाएं छोड़ी हैं...क्योंकि कुछ मेंस की तारीख आपस में टकरा गई थी।
पुष्पेंद्र बताते हैं कि उनके माता-पिता उन्हें शिक्षक बनाना चाहते थे। 1996 में एमएससी पास करने के बाद वह जब बीएड प्रवेश परीक्षा का फॉर्म भर रहे थे तो उन्होंने मध्य प्रदेश पीसीएस के भी फॉम भर दिए थे। बीएड और मध्य प्रदेश पीसीएस के प्रीलिम्स भी उन्होंने पास कर लिया था। इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी करने का मन बनाया।
UPSC की तैयारी के लिए पुष्पेंद्र पहले इलाहाबाद गए और फिर वहां से 1997 में दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहने को आ गए। तब से लेकर आज तक, वह इसकी तैयारियों में लगे हुए हैं।
पुष्पेंद्र तैयारी के साथ-साथ एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाने का भी काम करते हैं। उनका कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए.. वो एक अधिकारी बन कर ही मुखर्जी नगर से जाएंगे।
पुष्पेंद्र अभी एक परीक्षा देने का कर रहे हैं इतंजार
अब आप सोच रहे होंगे आखिर 48 साल की उम्र में पुष्पेंद्र बीपीएससी की परीक्षा कैसे दे सकते हैं? तो बता दें कि बीपीएससी की उम्र सीमा 37 है, लेकिन पुष्पेंद्र जिस परीक्षा में बैठने जा रहे हैं वह 2011 में होना था....लेकिन वह किसी कारण टल गया था।
बिहार एजुकेशन ऑफिसर के इस पद के लिए परिक्षार्थी की उम्र 2011 में 21 से 37 के बीच की होनी चाहिए। इस वजह से पुष्पेंद्र इस परीक्षा में बैठने में योग्य हैं। इसी तरह मध्य प्रदेश स्टेट परीक्षा में उन्हें उम्र में छूट मिली है।












Click it and Unblock the Notifications