नरेन्द्र मोदी-जयललिता के अपमानजनक लेख और तस्वीर पर संसद में हंगामा

लेख पर बिना शर्त श्रीलंका ने मांग ली थी माफी
श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर मोदी और जयललिता को लेकर पिछले सप्ताह एक अपमानजनक लेख डाला गया था। हालांकि इसे बाद में तुरंत हटा लिया गया और श्रीलंका ने इस संबंध में बिना शर्त माफी भी मांग ली। राज्यसभा में इस मुद्दे पर हुए हंगामे के कारण प्रश्नकाल के दौरान दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। एआईएडीएमके के सदस्य सभापति के आसन के समक्ष जाकर खड़े हो गए, जिससे नाराज सभापति एम हामिद अंसारी ने कहा कि 10 सदस्य अपनी मांग के लिए सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। संसद सदस्यों को यह शोभा नहीं देता।
सुषमा स्वराज ने की निंदा
राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे शुरू होने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि सरकार घटना की निंदा करती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने घटना की कड़ी निंदा की है। हम श्रीलंका के उच्चायुक्त को सम्मन भेजेंगे और उन्हें इस बारे में बताएंगे। लोकसभा में भी सोमवार को कार्यवाही शुरू होते ही एआईएडीएमके के सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। पार्टी के नेता एम. थांबिदुरै ने लेख की आलोचना नहीं करने के लिए केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।हालांकि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सरकार ने लेख की कड़ी निंदा की है।
स्पीकर की कुर्सी तक जाकर हुई नारेबाजी
एआईएडीएमके के सदस्यों ने हालांकि हंगामा बंद नहीं किया और अध्यक्ष के आसन के सामने जाकर नारे लगाए। हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12.30 बजे तक के लिए और फिर दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगितक करनी पड़ी। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे शुरू होने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में दिया गया बयान दोहराते हुए निचले सदन में भी कहा कि श्रीलंका के उच्चायुक्त को सम्मन भेजा जाएगा।









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