यूपीए को खुद भी अब सत्ता में आने का यकीन नहीं: अरूण जेटली

यूपीए वन के बारे में तर्क दिया गया कि वामदलों के समर्थन से सरकार बनी थी इसलिए हम निर्णय नहीं ले पाए लेकिन यूपीए टू के लगभग पांच साल के शासन में भ्रष्टाचार के कारण सरकार की विश्वसनीयता कम हुई। नेतृत्व क्षमता नजर नहीं आयी, अर्थव्यवस्था टूट गयी। जेटली के अनुसार संसद में अमर्यादित घटनाओं ने भी देश का अपमान किया। कुल मिलाकर यूपीए को जो मौका जनता ने दिया था, उसे इस सरकार ने खो दिया।
वहीं लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि हमें इस बात का संतोष है कि तेलंगाना और लोकपाल बिल पास हो गया। लोकतंत्र में हर किसी की जिम्मेदारी है। कार्यपालिका, विधायिका के लिए तो विधायिका न्यायपालिका के लिए वहीं न्यायपालिका के निर्णय के बारे में भी सदन में चर्चा की जाती है। लोकतंत्र में इन संस्थाओं को 'चेक एंड बैलेंस' की सोंच के साथ बनाया गया है। सुषमा के अनुसार संसद में पेपर स्प्रे का छिड़काव बेहद शर्मनाक घटना रही।
सुषमा ने कहा कि 15 वीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा हो गया है, अब 16वीं लोकसभा में जनता हमें जो भी जिम्मेदारी देगी हम उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे।












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