UP News: यूपी में टै्स फ्री हुई फिल्म ‘कृष्णावतारम्’, लोकभवन में विशेष स्क्रीनिंग के बाद सीएम योगी ने की घोषणा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में एक विशेष स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म कृष्णावतारम को टैक्स फ्री घोषित करने की घोषणा की, जिसमें कृष्ण और संबंधित परंपराओं के सांस्कृतिक चित्रण पर प्रकाश डाला गया। अधिकारियों और कलाकारों की उपस्थिति वाले इस कार्यक्रम में उन फिल्मों के समर्थन पर जोर दिया गया जो भारतीय विरासत और सनातन धर्म को दर्शाती हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ को राज्य में टै्स फ्री करने की घोषणा की है। रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों ने एक साथ फिल्म देखी। फिल्म प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने इसे उत्तर प्रदेश में टै्स फ्री करने का ऐलान किया।

लोकभवन सभागार फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। "कृष्णा-कृष्णा" और "राधे-राधे" के जयघोष से पूरा सभागार गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और फिल्म को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने फिल्म से जुड़े कलाकारों का मंच पर सम्मान भी किया।
फिल्म ‘कृष्णावतारम्’ भगवान कृष्ण के जीवन को मानवीय दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। फिल्म में द्वापर युग, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के विभिन्न आयामों को भव्य तरीके से दिखाया गया है। इसके साथ ही राधा, रुक्मिणी और सत्यभामा के साथ कृष्ण की प्रेम कथाओं को अलग-अलग स्वरूपों में दर्शाया गया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपरा से जुड़ी इस तरह की फिल्मों का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सभी नए मंत्री भी इस विशेष अवसर का हिस्सा बने, जो अपने आप में यादगार क्षण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्म भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातन विरासत को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करती है।
मुख्यमंत्री ने फिल्म की मुख्य अभिनेत्री संस्कृति के अभिनय की भी सराहना की। कार्यक्रम के दौरान संस्कृति ने मुख्यमंत्री से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने निर्माता-निर्देशक और पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सके।
उन्होंने सूचना विभाग को निर्देश दिया कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित कराने में सहयोग किया जाए, जिससे बच्चे और युवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा, वृंदावन और बरसाना की पहचान आज भी "राधे-राधे" के संबोधन से होती है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित फिल्मों का निर्माण बढ़ना चाहिए। उन्होंने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह की फिल्में समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं।
इस अवसर पर विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज की गई है। फिल्म का निर्देशन हार्दिक गज्जर ने किया है। इसमें सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृति, सुष्मिता भट्ट और निवासिनी कृष्णन मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं जैकी श्रॉफ और आशुतोष राणा ने भी अहम किरदार निभाए हैं।












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