UP Nikay Chunav 2023: पार्षद से की राजनीति की शुरुआत, कोई बना राष्ट्रपति तो कोई बना मुख्यमंत्री

UP Nikay Chunav 2023, यूपी में होने वाले निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। 760 नगर निकायों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने रविवार को अधिसूचना जारी कर दी।

UP Nikay Chunav 2023

उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव का ऐलान होते ही राज्य में सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। दो चरणों में 4 मई और 11 मई को मतदान होंगे जबकि नतीजे 13 मई को घोषित किए जाएंगे। बीजेपी के लिए इस चुनाव को 2024 का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। फिलहाल राज्य की 17 नगर निगम में से 14 पर बीजेपी का कब्जा है।

तारीखों के ऐलान के साथ ही सभी दल अपने जिताऊ उम्मीदवारों को उतारने में जुट गए हैं। पार्षद का ये चुनाव कई मायनों में अहम होता है। इसे राजनीति में आने की पहली सीढ़ी माना जाता है। देश में कई ऐसे नेता हैं। जिन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पार्षद चुनाव से की था।

पार्षद चुनाव लड़ने वाले कई नेता आज देश में विधायक, सांसद, मंत्री , मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के पद तक पहुंचे हैं। इनमें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, हिमाचल के मुख्यमंत्री सुविंदर सिंह सुक्खू, योगी सरकार में मंत्री रहीं कमल रानी वरुण और बीजेपी सांसद सरोज पांडे जैसे नाम शामिल हैं।

UP Nikay Chunav 2023

द्रौपदी मुर्मू
ओड़िशा में पार्षद के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन शुरू करने वाली एक आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू आज देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं। झारखंड की पूर्व राज्यपाल और राष्ट्रपति
द्रौपदी मुर्मू 1997 में रायरंगपुर अधिसूचित क्षेत्र परिषद में पार्षद बनी थी। फिर विधायक चुनीं गई। मंत्री बनीं। इसके बाद राज्यपाल और अब देश की राष्ट्रपति हैं।

UP Nikay Chunav 2023

सुखविंदर सिंह सुक्खू
हिमाचल के मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत शिमला नगर निगम में पार्षद के तौर पर की थी। साल 2003 में वह पहली बार विधायक बने। उसके बाद उन्होंने 2007 और 2017 में नादौन का असेंबली में प्रतिनिधित्व किया। हालिया चुनाव वह चौथी बार विधायक चुने गए।

UP Nikay Chunav 2023

पूर्णेश मोदी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने वाले गुजरात बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने भी राजनीति का सफर एक पार्षद के तौर पर शुरु किया था। वह साल 2000 में सूरत नगर निगम चुनाव में पार्षद चुन लिए गए। वह साल 2013 में विधानसभा पहुंचे। 2017 और 2023 में भी वे विधायक चुने गए।

UP Nikay Chunav 2023

सरोज पांडे

सरोज पांडेय ने राजनीति में कम उम्र में ही लोहा मनवा चुकीं है। डॉ. सरोज पांडेय एक साथ महापौर, विधायक और सांसद रह चुकी हैं। यह रिकॉर्ड गिनीज और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज है। 10 साल तक लगातार बेस्ट मेयर का अवार्ड से सम्मानित किया गया।

बीजेपी ने 2009 में उन्हें महापौर रहते हुए आम चुनाव में विधायक और दुर्ग सीट से लोकसभा उम्मीदवार के तौर पर खड़ा कर दिया था। वह दोनों चुनाव जीतने में सफल रही थीं। सरोज ने अपने पॉलिटिकल करियर की शुरूआत स्टूडेंट पॉलिटिक्स से की थी।

UP Nikay Chunav 2023

सज्जन कुमार
वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार ने दिल्ली की राजनीति में निगम पार्षद से लेकर लोकसभा सांसद बनने तक का लंबा राजनीतिक सफर तय किया। सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार के करियर पर इन दंगों ने रोक लगा दी। सज्जन कुमार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके छोटे बेटे संजय गांधी के बेहद खास थे।

UP Nikay Chunav 2023

कमल रानी वरुण

कोरोना संक्रमण के कारण उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री और कानपुर के घाटमपुर से विधायक कमल रानी वरुण की 2020 में मौत हो गई थी। 1989 में भाजपा ने उन्हें द्वारिकापुरी वार्ड से कानपुर पार्षद का टिकट दिया।

चुनाव जीत कर नगर निगम पहुंची कमलरानी 1995 में दोबारा उसी वार्ड से पार्षद निर्वाचित हुईं। 1996 में वह लोकसभा पहुंची। 2017 में वह घाटमपुर सीट से विधायक चुनकर योगी सरकार में मंत्री बनीं।

UP Nikay Chunav 2023

सुरेंद्र गोयल

गाजियाबाद के पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र प्रकाश गोयल भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन उन्होंने राजनीति की शुरुआत जमीन से की थी। सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने 1971 में पार्षद के चुनाव से राजनीति शुरू की थी। जिसमें उन्होंने जीत हासिल की।

1989 में वह नगरपालिका का चुनाव लड़े और उसमें भी सुरेंद्र प्रकाश गोयल को भारी बहुमत मिला। करीब 20 साल तक वह नगर पालिका के चेयरमैन रहे। 2002 में सुरेंद्र प्रकाश गोयल गाजियाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। उसके बाद सुरेंद्र प्रकाश गोयल ने 2004 सांसद का चुनाव लड़ा। जिसमें उन्हें भारी बहुमत से जीत हासिल हुई।

UP Nikay Chunav 2023

दिलीप राय

दिलीप राय की गिनती ओडिशा के जाने-माने नेताओं में की जाती है। दिलीप राय एक मनोनीत वार्ड पार्षद से लेकर राज्य सरकार में मंत्री फिर राज्यसभा सदस्य व केंद्र सरकार में मंत्री तक पहुंचे। 1978 में एनएसी में सरकार की ओर से मनोनीत पार्षद बनकर पहली बार वे जनप्रतिनिधि बने।

इसके बाद 1985 में दिलीप राय पहली बार राउरकेला के विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे और का प्रतिनिधित्व किया। विधायक रहते उन्होंने राउरकेला नगरपालिका के वार्ड संख्या-14 से चुनाव लड़ा और पार्षद बने। पार्षद बनने के बाद उन्होंने राउरकेला का नगरपाल चुने गए।

UP Nikay Chunav 2023

पूर्व मंत्री हाजी याकूब

पश्चिमी यूपी से आने वाले हाजी याकूब बसपा सरकार में मंत्री रहे थे। कई मामलों में आरोपी हाजी याकूब खाड़ी देशों में मीट के निर्यात का बिजनेस करते थे। हाजी याकूब ने अपने राजनीतिक करियर की शुरू मेरठ नगर निगम के पार्षद के तौर पर की थी। याकूब नगर निगम पार्षद, डिप्टी मेयर और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे।

हाजी याकूब1995-96 में पार्षद चुने गए और फिर डिप्टी मेयर बन गए। 2002 की बसपा सरकार में याकूब मायवती की सरकार में राज्यमंत्री बने। याकूब का मेरठ के आसपास के इलाकों में काफी असर माना जाता है।

Recommended Video

    Mayawati ने किया ऐलान, जानें BSP क्या Atique Ahmed के परिवार को देगी टिकट ? | वनइंडिया हिंदी

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+