#UPElectionResults2017 कैसे फिर से देश की राजनीति में मजबूत हुआ ब्रांड मोदी
सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी, विदेश नीति और कई अहम पहलुओं के साथ ही एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रांड मोदी बनकर उभरे हैं। उत्तर प्रदेश में मिली जीत बाद फिर से हुआ ब्रांड मोदी हुआ मजबूत।
नई दिल्ली। मैराथन सात दौर की वोटिंग के बाद आखिरकार अब साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश में किसका राजलितक होने जा रहा है। होली के मौके पर भगवा रंग की सुनामी ने पूरे राज्य को रंग डाला है। उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे कहीं न कहीं उस ब्रांड मोदी का नया जन्म है जिसके बारे में लोग कह रहे थे कि अब इसकी चमक कम पड़ने लगी है। इसकी वजह थी दिल्ली और बिहार में हुए विधानसभा चुनाव। लेकिन अब फिर से ब्रांड मोदी सिर पर चढ़कर बोल रहा है। तभी तो उत्तर प्रदेश में बीजेपी के 324 सीटें मिली हैं।
खुद पीएम उतरे अग्निपथ पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इन चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। 22 रैलियों के जरिए पीएम मोदी जनता से मुखातिब हुए और उन्होंने जनता के सामने अपनी और पार्टी की बात को रखा। उत्तर प्रदेश में मिली चुनावी जीत ने हर किसी को हैरान कर दिया है तो कुछ लोग एक बार फिर से मोदी नामक ब्रांड को चमकता देखकर खुश हैं। आइए आपको बताते हैं कि वर्ष 2014 के बाद से कैसे बना ब्रांड मोदी और यूपी चुनावों के बाद एक बार फिर से इसने हासिल की चमक।

विदेश नीति
अगर ब्रांड मोदी को मजबूत करने का किसी ने किया है तो वह है पीएम मोदी की विदेश नीति। पीएम मोदी अगर अमेरिकी राष्ट्रपति को गले लगाते हैं तो एक बांध का उद्घाटन करने के लिए अफगानिस्तान भी जाते हैं। वह सऊदी अरब का दौरा भी करते हैं तो ब्रिटेन का भी। वह यूनाइटेड नेशंस में सबके सामने पाकिस्तान को आतंकवाद पर तगड़ा जवाब देते हैं तो वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बुलावे पर लाहौर भी जाते हैं। ये कुछ ऐसी बाते हैं जो पिछले 10 वर्षों में किसी ने नहीं देखी थीं।

सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक, इसने ब्रांड मोदी को चमकाने में काफी योगदान दिया है। 18 सितंबर 2016 को जब उरी आतंकी हमला हुआ तो पीएम मोदी पर पाकिस्तान को जवाब देने का दबाव बढ़ने लगा। इंडियन आर्मी निराश थी, सैनिकों का मनोबल लगातार आतंकी हमलों से गिर रहा था तो जनता में गुस्सा था। वह पीएम मोदी से जवाब मांग रही थी। तभी 29 सितंबर को पीओके में हुई एक सर्जिकल स्ट्राइक की खबर आई। यहां से फिर से पीएम मोदी की जो ब्रांडिंग कमजोर होती नजर आ रही थी, वह फिर से मजबूत हो गई।

नोटबंदी
आठ नवंबर को पीएम मोदी ने डी-मॉनटाइजेशन यानी नोटबंदी का ऐलान किया। विपक्षी पार्टियोंने उन्हें घेरा, उन पर लगातार हमले किए। उत्तर प्रदेश चुनावी रैलियों में कहा गया जनता में गुस्सा बढ़ता जा रहा है और यह गुस्सा चुनावों में नजर आएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी ने पार्टी को बड़ी जीत दिलाकर इस बात को गलत साबित कर दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक नोटबंदी के बाद यह बात साबित हुई कि पीएम मोदी रिस्क ले सकते हैं और ब्रांड मोदी को फिर से चमकाने में यह फैक्टर काम कर गया।

हर किसी के बीच जाना
वर्ष 2017 के चुनावों से पहले भी पीएम मोदी हर बार चुनावी रैलियों में गए और उन्होंने पार्टी के लिए वोट मांगे। लेकिन यूपी चुनावों में मिली विशाल जीत के साथ पीएम मोदी ऐसे पीएम बन गए जो राज्य के चुनावों में भी उसी अंदाज से वोट मांगता है जिस अंदाज से केंद्र के चुनावों के लिए। उसी अंदाज में जनता से रूबरू होता है जैसे लोकसभा चुनावों में होता है। एक ऐसा पीएम जो विधानसभा चुनावों के दौरान भी रैलियों में विशाल जनसमूह आकर्षित करने की ताकत रखता है।

बोलने की ताकत
पीएम मोदी अक्सर अपनी रैलियों में उन्हीं बातों को दोहराते हैं जो वह पहले कई बार कह चुके हैं। लेकिन कहीं न कहीं हर बार वह अपनी कहीं हुई बातों से ही जनता को इमोशनल करने की ताकत रखते हैं। उनके भाषणों में आर्मी का जिक्र भी होता है, तो मिसाइल का भी, पाकिस्तान का भी जिक्र होता है तो वह किसी गांव के एक मामूली शख्स के बारे में भी बातें करते हैं।












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