यूपी विधानसभा चुनाव 2017: जानिए हनुमान अखिलेश के लिए कौन बना जामवंत?
अखिलेश की ओर से जो सूची जारी की गयी है उसमें 171 मौजूदा विधायकों को फिर टिकट दिया है जबकि 64 उन सीटों के भी प्रत्याशी घोषित किए हैं जहां पर 2012 में पार्टी हार गई थी।
लखनऊ। यूपी के सबसे बड़े राजनीतिक घराने सपा का झगड़ा अब खुलकर लोगों के सामने आ चुका है, अब सबको पता चल गया है कि इस वक्त सपा में चाचा बनाम भतीजा नहीं बल्कि पिता बनाम पुत्र की लड़ाई चल रही है। पिता मुलायम अपने बेटे अखिलेश की कुछ सुनने को तैयार ही नहीं है, ऐसे में यूपी का ये टीपू कैसे अपनी सल्तनत को बचा पाएगा, ये एक बड़ा सवाल है।
अखिलेश की ताकत उनके समर्थक
अखिलेश की ताकत उनके समर्थक हैं और वो उनके लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, जिसकी बानगी तब दिखी जब गुरूवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने समर्थकों के साथ बैठक कर रहे थे, पार्टी के वो लोग जिनका टिकट मुलायम सिंह ने काटा था, काफी दुखी थे और वो बार-बार अपनी व्यथा अपने सीएम को सुना रहे थे, जिस पर अखिलेश खामोश थे।
एमएलसी उदयवीर सिंह ने पढ़ी रामचरित मानस की चौपाई
इसी बीच बर्खास्त एमएलसी उदयवीर सिंह अपनी जगह पर खड़े हुए और अचानक से अखिलेश के सामने रामचरित मानस की वो चौपाइयां पढ़नी शुरू कर दी जो कि जामवंत ने पवनपुत्र हनुमान का मनोबल बढ़ाने के लिए सुनाई थी। उदयवीर सिंह ने कहा कि 'कहइ रीछपति सुनु हनुमाना। का चुप साधि रहउे बलवाना।। पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना।'
समर्थकों के लिए अखिलेश ही सपा पार्टी
एमएलसी ने कहा कि अखिलेश जी, हम आपके साथ हैं, आज से हमारे लिए सपा पार्टी आप ही हैं, अब मेरे जीवन का एक ही उद्देश्य है, आपको शिखर पर पहुंचाना, अब जो भी फैसला कीजिए, हम आपके साथ थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
समाजवादी पार्टी दो धड़ों में बंटती नजर आ रही
आपको बता दें कि यूपी चुनाव के ठीक पहले समाजवादी पार्टी दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है। सुलह की कोई गुंजाइश न बचने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरूवार को समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव की लिस्ट को नकारते हुए 235 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। जिससे ये साफ हो गया कि अखिलेश अब किसी की सुनने वाले नहीं हैं।
171 मौजूदा विधायकों को फिर टिकट दिया
मालूम हो कि अखिलेश की ओर से जो सूची जारी की गयी है उसमें 171 मौजूदा विधायकों को फिर टिकट दिया है जबकि 64 उन सीटों के भी प्रत्याशी घोषित किए हैं जहां पर 2012 में पार्टी हार गई थी।
मुलायम सिंह यादव ने 325 प्रत्याशी घोषित किए थे
जबकि मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए 325 प्रत्याशी घोषित किए थे। इसमें तीन मंत्रियों और 46 विधायकों का टिकट काट दिया था। जिनका टिकट कटा, वे मुख्यमंत्री के समर्थक कहे जाते हैं।













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