'हमने तो प्रधानमंत्री बनाने का सपना देखा था, लेकिन...': मायावती के 'गिरगिट' वाले बयान पर अखिलेश का बड़ा आरोप
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गिरगिट की तरह रंग बदलने के मायावती के बयान के एक दिन बाद सपा चीफ ने उनका जवाब दिया है और कहा है कि वे लोग तो एक समय में बसपा सुप्रीमो को प्रधानमंत्री बनाने तक का सपना देखते थे।
अखिलेश यादव ने कहा है कि समावादी पार्टी की कोशिश रही है कि इंडिया ब्लॉक में ज्यादा से ज्यादा सहयोगी दल जुड़ें। लेकिन, उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया के जरिए लगातार अफवाहें उड़ाई गई हैं।

सपा ने हमेशा उन्हें सम्मान दिया है- अखिलेश यादव
सपा चीफ बोले कि 'उनकी पार्टी की हमेशा कोशिश रहेगी कि इंडिया ब्लॉक और मजबूत हो, इंडिया गठबंधन में कैसे और दल जुड़ें।' उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के बारे में कहा है कि 'समाजवादी पार्टी ने हमेशा उन्हें सम्मान देने का काम किया है।'
'हमने तो प्रधानमंत्री बनाने का सपना देखा था, लेकिन...'
उन्होंने कहा, 'मुझे तो वो समय याद है, जब समाजवादियों ने संकल्प लिया था कि देश की प्रधानमंत्री उस वर्ग से हो जिन्होंने समाज की सभी बुराइयों का सामना किया है हजारों साल.......'।
इसके बाद उन्होंने यहां तक दावा किया कि 'समाजवादी पार्टी तो प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रही थी और उसपर काम भी किया हमलोगों ने.....लेकिन ये जो भाषा आई है......'
सपा चीफ ने कहा कि 'पीडीए की बात हम करें...पीडीए में हमारे दलित भाई भी हैं, आधी आबादी भी है....और जब आधी आबादी को सम्मान देने की बात कहें तो वो इस तरह से रंग बदलने की बात कह रही हैं.....'
कहीं से दबाव की वजह से रंग बदलने की बात कही होगी- अखिलेश का आरोप
इसके बाद यूपी के पूर्व सीएम और इंडिया ब्लॉक के नेता ने इशारों-इशारों में बहुत गंभीर आरोप लगाते हुए कह दिया कि 'वो इसलिए कह रही होंगी..शायद उनपर दबाव कहीं से है, दबाव की वजह से ऐसी बात कह रही होंगी....'
अखिलेश का भाजपा की ओर इशारा?
अखिलेश ने यह तो नहीं बताया कि उनका इशारा किस ओर है, लेकिन संकेतों को इशारा समझें तो सवाल उठता है कि क्या वे भाजपा की ओर निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं?
क्योंकि, मायावती ने यूपी में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया है और जानकार मानते हैं कि इससे इंडिया ब्लॉक के लिए ही मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
मायावती ने अखिलेश को गिरगिट क्यों कहा था?
दरअसल, हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी, जिसके मुताबिक समाजवादी पार्टी के नेताओं को अखिलेश ने हिदायत थी कि बसपा प्रमुख का नाम सम्मानजनक तरीके से लें। इससे उनकी पहले वाली बसपा को इंडिया ब्लॉक से दूर रहने वाली रणनीति में बदलाव के कयास लगने लगे थे।
इसी पर मायावती ने सोमवार को कहा था, 'हाल ही में विपक्ष के इंडिया गठबंधन को लेकर जिस प्रकार से सपा मुखिया ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत बीएसपी के लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से कुछ ही घंटों के अंदर बीएसपी प्रमुख के प्रति गिरगिट की तरह अपना रंग बदला है, उससे पार्टी के लोगों को जरूर सावधान रहना है।'












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