उत्तराखंड में 13 हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में, जानिए कौन है गुनहगार

देहरादून। उत्तराखंड सरकार और राज्‍य शिक्षकों के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की गलती से अप्रशिक्षित शिक्षकों की श्रेणी में आए हजारों विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को शिक्षा निदेशालय में शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को डीएलएड-ब्रिज कोर्स से मुक्त करने की मांग उठाई। उधर, शिक्षकों ने ऐलान कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में ब्रिज कोर्स का फार्म नहीं भरेंगे।

उत्तराखंड में 13 हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में, जानिए कौन है गुनहगार

आपको बता दें कि उत्तराखंड राज्‍य के विशिष्‍ट बीटीसी के कोर्स को राष्‍ट्रीय अध्‍यापक शिक्षा परिषद (NCTI) से मान्‍यता नहीं है। शिक्षा विभाग की तरफ से मान्‍यता न होने पर भी लगातार विशिष्‍ट बीटीसी कराता रहा और इसके आधार पर टीचरों की भर्तियां होती रहीं। अब एनसीटीई के इस विशिष्ट बीटीसी को खारिज कर दिए जाने से ऐसे 13 हजार 175 शिक्षक एक झटके में अप्रशिक्षित शिक्षक की श्रेणी में आ गए हैं। यदि 31 मार्च 2017 तक वो एनसीटीई से तय शैक्षिक योग्यता पूरी नहीं कर पाते तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।

मुख्‍यमंत्री तक नहीं पहुंची बात

प्रदेश के 13 हजार 175 शिक्षक अफसरों की गलती के कारण संकट में फंसे हुए हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने इस बाबत मुख्यमंत्री को बताने की जरूरत तक नहीं समझी। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। चूंकि यह हजारों शिक्षकों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए सरकार इस पर प्राथमिकता से प्रयास करेगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+