क्या कमल हासन ने PM को 'मिस्टर हिटलर' बताया ? MNM ने कहा- प्रधानमंत्री तमिल कवि को पढ़ें
Unparliamentary Words बैन की खबरों पर अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने कहा है कि ये जर्मनी नहीं है। उन्होंने सरकार पर हमला करने के लिए 'मिस्टर हिटलर' का भी इस्तेमाल किया।
चेन्नई, 14 जुलाई : संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हो रहा है। इससे कुछ ही दिन पहले Unparliamentary Words की लिस्ट जारी हुई है। इस पर विपक्ष ने आक्रामक तेवर अपनाए हैं। खबरों में लिखा गया कि असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल पर बैन लगाया गया है। आलम ये हुआ कि खुद लोक सभा स्पीकर ओम बिरला को स्पष्टीकरण देना पड़ा कि किसी भी शब्द को बैन नहीं किया गया है। अब असंसदीय शब्दों को लेकर तमिलनाडु के अभिनेता-नेता कमल हासन ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है।

लोकतंत्र का गला घोंटा !
उन्होंने पीएम मोदी को 'मिस्टर हिटलर' के नाम से संबोधित किया है। कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (Makkal Needhi Maiam) ने कथित तौर पर 'प्रतिबंधित' असंसदीय शब्दों की सूची को 'हमारे संविधान का सीधा मजाक' करार दिया है। अभिनेता-राजनेता कमल हासन की पार्टी ने कड़े शब्दों में बयान देते हुए लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी 'असंसदीय' शब्दों की नई सूची की निंदा करते हुए कहा कि यह "लोकतंत्र का गला घोंटता है"।
संविधान का सीधा मजाक
पार्टी की ओर से कमल हासन की तस्वीर के साथ एक पोस्टर भी ट्वीट किया। इसमें लिखा गया, मिस्टर हिटलर, यह जर्मनी नहीं है! क्या आप राजशाही वापस ला रहे हैं ? MNM ने कहा, असंसदीय शब्दों की सूची लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को चकमा देने का विशिष्ट कार्य है। किसी भी विसंगति को इंगित करना लोकतंत्र का विशेषाधिकार है और अगर इसकी अनुमति नहीं है, तो यह हमारे संविधान का सीधा मजाक है।
प्रधानमंत्री तमिल कवि को पढ़ें
MNM ने सवाल किया, "यदि माननीय प्रधानमंत्री और मंत्री आलोचना या राय नहीं सुन सकते, तो क्या इसका मतलब यह है कि हम राजशाही में वापस जा रहे हैं जहां राजा और उनके मंत्रियों की प्रशंसा की जाएगी?" बयान में कहा गया, एक ऐसे प्रधानमंत्री जो तमिल कवि थिरुवल्लुवर को गहराई से उद्धृत करते हैं, उन्हें समझना चाहिए कि यह जर्मनी नहीं है। उन्हें थिरुक्कुरल पढ़ना चाहिए। इसमें कहा गया है कि किसी राजा के पास भले ही उसे नष्ट करने वाला कोई न हो, अगर गलतियां बताने वाला कोई नहीं होगा, तो वह बर्बाद हो जाएगा।
विपक्षी दल हमलावर
बता दें कि कथित तौर पर प्रतिबंधित असंसदीय शब्दों की सूची से राजनीतिक गलियारों में हंगामा खड़ा हो गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, और ओवैसी समेत कई सांसदों ने इस कदम की आलोचना की है।












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