क्या होता है जब संसद में कोई सांसद असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करता है ? जानिए
नई दिल्ली, 14 जुलाई: लोकसभा सचिवालय ने शब्दों की एक नई लिस्ट जारी की है, जिसे अब लोकसभा और राज्यसभा दोनों में असंसदीय माना जाएगा। इसके लिए एक नया बुकलेट जारी किया गया है। संसद के मानसून सत्र से पहले ऐसे शब्दों की नई लिस्ट के खिलाफ भी सियासत शुरू हो गई है। हम पहले उन शब्दों का जिक्र कर रहे हैं, जो 18 जुलाई से शुरू हो रहे अगले सत्र से असंसदीय माने जाएंगे और उसके बाद इसपर चर्चा करेंगे कि यदि कोई सांसद नियमों की अनदेखी करके इसका उपयोग करता है तो क्या होता है। साथ ही इसके इतिहास और दूसरे देशों में किन शब्दों को असंसदीय माना गया है, उसकी भी बात करेंगे।

किन शब्दों को असंदीय घोषित किया गया है ?
नए नियमों के तहत लोकसभा सचिवालय ने हिंदी और ऊर्दू के जिन शब्दों को असंसदीय घोषित किया है, वे हैं- जुमलाजीवी, बाल बुद्धि, शकुनि, तानाशाह, तानाशाही,जयचंद, विनाश पुरुष, खालिस्तानी, खून से खेती, दोहरा चरित्र, निकम्मा, नौटंकी, ढिंडोरा पीटना, चमचागीरी, चेला, और बहरी सरकार आदि। वहीं, इसके तहत जिन अंग्रेजी शब्द असंसदीय माने गए हैं, वे हैं- कोविड स्प्रेडर, स्नूपगेट, अशेम्ड, अब्यूज्ड, बिट्रेड, करप्ट, ड्रामा, हिपोक्रसी, इंकॉम्पिटेंट, अनार्किस्ट, डिक्टटोरीअल, ब्लडशेड, ब्लडी, चीटेड, चाइलडिशनेस, काउअर्ड, क्रिमिनल, क्रोकोडाइल्स टीअर्स। इनके अलावा डिसग्रेस, डंकी, आईवॉश, फज, हूलिगनिज्म,मिसलीड, लाइ और अनट्रू जैसे शब्द भी असंसदीय श्रेणी में रखे गए हैं। लेकिन, सवाल है कि अगर असंसदीय शब्दों का फिर भी सदन में सांसदों की ओर से इस्तेमाल किया जाता है तो क्या होगा ?

क्या असंसदीय शब्द के प्रयोग के लिए अदालती कार्रवाई हो सकती है ?
संसद में असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल करने के बावजूद किसी भी अदालत में संबंधित सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं शुरू की जा सकती है। संविधान के अनुच्छेद 105(2) के मुताबिक, 'संसद या उसकी किसी भी समिति में उसकी ओर से कही गई किसी बात के लिए या दिए गए किसी वोट के लिए संसद का कोई भी सदस्य किसी भी अदालत में किसी भी तरह की कार्यवाही के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।' लेकिन, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि संसद सदस्यों को सदन के भीतर कुछ भी बोलने की आजादी है। इसे नियमों के तहत सीमित किया गया है।

सदन में असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल होने पर क्या होता है ?
अगर नए बुकलेट में जोड़े गए असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किसी सांसद की ओर से दोनों सदनों में से कहीं भी किया जाता है तो उसे सदन की कार्यवाही से निकाल जाता है। हालांकि, इस संबंध में लोकसभा के मामले में स्पीकर और राज्यसभा के मामले में सभापति का फैसला अंतिम होगा। लोकसभा की कार्यवाही के नियम 380 के मुताबिक, 'यदि लोकसभा अध्यक्ष की यह राय है कि बहस के दौरान ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया है, जो अपमान करने वाला या अभद्र या असंसदीय या अशोभनीय हैं, तो स्पीकर अपने विवेकाधिकार का उपयोग करते हुए आदेश दे सकता है कि ऐसे शब्दों को सदन की कार्यवाही से निकाल दिया जाए।'

असंसदीय शब्दों से जुड़े संसदीय नियमों का इतिहास
भारतीय संसदीय प्रणाली को ब्रिटेन से बहुत कुछ विरासत में मिली है। वहां ऐसे शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटाने की प्रक्रिया का लिखित इतिहास 1604 से दर्ज है। क्योंकि, हाउस ऑफ कॉमन्स के 1604 के जर्नल में पहली बार इस तरह की कार्यवाही का उल्लेख मिलता है। ऐतिहासिक रिपोर्ट के मुताबिक तब एक सांसद के भाषण में कही गई असंसदीय टिप्पणियों को कार्यवाही में दबा दिया था। हालांकि, ब्रिटिश इतिहासकारों का कहना है कि निश्चित रूप से यह पहला मामला नहीं रहा होगा, लेकिन यह पहला केस है, जो रिकॉर्ड में दर्ज है।

दूसरे देशों के कुछ असंसदीय शब्द
भारत और ब्रिटेन के अलावा कई और देशों में और खासकर कॉमनवेल्थ के देशों की संसद में असंसदीय शब्दों को लेकर सदन के नियम बने हुए हैं। 1997 में ऑस्ट्रेलिया की सीनेट के सत्र के दौरान 'लाइअर' और 'डुम्बो' जैसे शब्दों को कार्यवाही से हटाने के आदेश दिए गए थे और इन्हें असंसदीय मान लिया गया था। इसी तरह न्यूजीलैंड की संसद में 'कॉमो'(कम्युनिस्टों के लिए अशिष्ट शब्द) की अनुमति नहीं है। जबकि कनाडा में तो कई शब्दों पर प्रतिबंध है। इनमें एविल जीनियस, कनाडियन मुसोलिनी, सिक एनिमल, पांपस ऐस जैसे शब्दों को भी असंसदीय माना गया है।
-
'शूटिंग सेट पर ले जाकर कपड़े उतरवा देते थे', सलमान खान की 'हीरोइन' का सनसनीखेज खुलासा, ऐसे बर्बाद हुआ करियर -
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार












Click it and Unblock the Notifications