'जुमलाजीवी', 'तानाशाह', 'नौटंकी' जैसे शब्दों में अब संसद में रोक, पढ़िए किन-किन शब्दों पर लगी रोक
नई दिल्ली, 14 जुलाई: संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होने वाला है। इससे पहले लोकसभा सचिवालय ने असंसदीय शब्दों और भावों को सूचीबद्ध करते हुए एक बुकलेट जारी की है, जिसमें संसद की कार्यवाही के दौरान कुछ शब्दों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य 'जुमलाजीवी', 'तानाशाह', 'नौटंकी' जैसे दर्जनों शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
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18 जुलाई से मानसून सत्र शुरू
संसद की कार्यवाही में शब्दों के इस्तेमाल को लेकर जारी नई गाइडलाइंस 'असंसदीय शब्द 2021' शीर्षक के तहत तैयार की गई है। लोकसभा सचिवालय ने असंसदीय शब्दों और अभिव्यक्तियों की पुस्तिका जारी की है, जिसके अनुसार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में जुमलाजीवी, बाल बुद्धि, कोविड स्प्रेडर और स्नूपगेट, शर्मनाक, दुर्व्यवहार, विश्वासघाती, भ्रष्ट जैसे शब्दों को असंसदीय माना जाएगा। यह बुकलेट ऐसे वक्त जारी की गई है, जब 18 जुलाई से सदन का मानसून सत्र शुरू होने वाला है।
खालिस्तानी और खून से खेती जैसे शब्द भी बैन
वहीं अराजकतावादी, शकुनि, तानाशाही, तानाशाह, जयचंद जैसे शब्दों पर भी रोक लगाई है। दोनों सदनों में बहस के दौरान या अन्यथा इस्तेमाल होने पर विनाश पुरुष, खालिस्तानी और खून से खेती जैसे शब्दों के प्रयोग पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा नाटक, विधर्म, अक्षम शब्द को असंसदीय घोषित किया गया है। सत्तावादी, जयचंद, विनाश आदमी, दोहरा चरित्र, निकम्मा, नौटंकी, ढिंडोरा पीठना और बहरी सरकार जैसे शब्दों को भी असंसदीय माना जाएगा।
बॉबकट, लॉलीपॉप शब्द पर भी रोक
इसके अलावा, दंगा, दलाल, दादागिरी, दोहरा चरित्र, बेचारा, बॉबकट, लॉलीपॉप, विश्वासघात, संवेदनहीन, मूर्ख , पिट्ठू जैसे शब्द हैं। यौन उत्पीड़न को असंसदीय माना जाएगा और इसे रिकॉर्ड के हिस्से के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा।
वहीं इसमें अंग्रेजी क शब्दों को भी शामिल किया गया है, जिसमें जिनमें आई विल कर्स यू, बिटेन विद शू , बिट्रेड, ब्लडशेड, चिटेड, शेडिंग, क्रोकोडाइल टियर्स, डंकी, गून्स, माफिया, रबिश, स्नेक चार्मर, टाउट, ट्रेटर, विच डाक्टर, डिसग्रेस, ड्रामा, आईवॉश, मिसलीड, लाई और अनट्रू जैसे कई शब्द शामिल हैं।












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