जो भारत में फेल हो जाते हैं वो यूक्रेन में जाते हैं मेडिकल की पढ़ाई करने, केंद्रीय मंत्री जोशी का बयान
नई दिल्ली, 01 मार्च: रूस और यूक्रेन की जंग के बीच युद्धग्रस्त देश में फंसे बड़ी संख्या में मेडिकल छात्रों को भारत सरकार 'ऑपरेशन गंगा' के तहत वापस अपने देश बुला रही है। रोमनिया और हंगरी से लगातार छात्रों की फ्लाइट भारत आ रही है, जिनका यहां स्वागत किया जा रहा है। इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दावा करते हुए कहा है कि जो भारत में फेल हो जाते हैं वो यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का दावा
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं खनन मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया बचाव अभियान एक बड़ी चुनौती है। इसी के साथ उन्होंने दावा करते हुए कहा, "विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले 90 प्रतिशत भारतीय भारत में योग्यता परीक्षा पास करने में फेल होते हैं। हालांकि टीओआई को दिए अपने जवाब में जोशी ने कहा कि यह बहस करने का सही वक्त नहीं है कि छात्र मेडिकल की स्टडी करने के लिए देश के बाहर क्यों जा रहे हैं?

भारत में आकर देना होता है टेस्ट
रूल्स बुक के मुताबिक विदेश में एमबीबीएस करने वालों को भारत में डॉक्टर के रूप में काम करने में सक्षम होने के लिए एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन पास करना अनिवार्य है। इस परीक्षा का आयोजन एनबीई (National Examination Board) की तरफ से साल दो बार किया जाता है।

छात्रों को हो रही यूक्रेन में परेशानी
वहीं यूक्रेन से भारतीय छात्रों को निकालने के लिए किए जा रहे सरकार के प्रयासों पर मंत्री ने कहा भारत ने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए वहां अपने दूतावास में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है। इसी के साथ उन्होंने इस बात को कबूला है कि वहां फंसे छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और यूक्रेन के खार्किव और कीव में खाने और पानी की समस्या हो रही है।

सोमवार तक 1,400 छात्रों की वापसी
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हम यूक्रेन सरकार और रूस के साथ डेली बेसिस पर संपर्क में हैं, और हम जल्द ही सभी छात्रों को घर वापस लाएंगे। इधर, यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने भारतीयों को आज तुरंत राजधानी कीव छोड़ने की सलाह दी है। इसी के साथ भारत लौटने वाले दर्जनों छात्रों ने यूक्रेन की स्थिति के बारे में बताया है कि वहां पर बहुत बुरी हालत है। लोग बंकरों में छिपकर अपनी जान बचा रहे हैं। अभी भी काफी बच्चे वहां पर फंसे हुए हैं। सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि अब तक, लगभग 1,400 भारतीय नागरिकों को लेकर छह उड़ानें आ भारत आ चुकी हैं। मंगलवार को भी यह क्रम लगातार जारी है।












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