भागलपुर हिंसा के आरोपी केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को मिली जमानत
नई दिल्ली। बिहार के भागलपुर में हुए सांप्रदायिक हिंसा के मामले में आरोपी केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत को जमानत मिल गई है। 7 मार्च को भागलपुर में शोभायात्रा निकाली गई थी। इसी दौरान हिंसा हुई थी। इस मामले में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित हिंसा भड़काने के आरोपी हैं। ये यात्रा प्रशासन की अनुमति के बिना निकाली गई थी। गिरफ्तारी से पहले अर्जित शाश्वत चौबे ने कहा था कि मैनें ऐसा कोई अपराध नहीं किया है जिसके लिए मुझे भागना पड़े। प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए प्रशासन ने गलत एफआईआर कराई है। भागलपुर हिंसा मामले में कुल 9 नामजद और पांच सौ से अधिक नामजद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज है। नाथनगर कांड संख्या 176/18 में 5 अन्य नामजद आरोपियों की जगदीशपुर में गिरफ्तारी हुई थी।

जमानत ADG-4 की कोर्ट ने दी है
बीजेपी नेता अर्जित को ये जमानत ADG-4 की कोर्ट ने दी है। बिहार के भागलपुर के नाथनगर हिंसा मामले में आरोपी केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे और भाजपा नेता अर्जित शाश्वत ने 31 मार्च की रात गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद उन्हें भागलपुर कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अर्जित शाश्वत प्रकरण पर भागलपुर एसएसपी मनोज कुमार ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनायी गयी थीं।

17 मार्च को भड़की थी सांप्रदायिक हिंसा
आपको बता दें कि अर्जित शाश्वत की अगुवाई में एक जुलूस के दौरान तेज संगीत बजाये जाने पर कुछ लोगों की आपत्ति के बाद 17 मार्च को भड़की सांप्रदायिक हिंसा को लेकर भागलपुर के नाथनगर थाने में दो एफआइआर दर्ज करायी गयी थी। इन एफआइआर में से एक में शाश्वत के अलावा आठ अन्य लोगों का नाम था। हिंदू कैंलडर के मुताबिक, नये साल के उपलक्ष्य में कथित तौर पर बिना अनुमति के यह जुलूस निकाला जा रहा था। संघर्ष में दोनों तरफ से पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी की घटना में दो पुलिस कर्मियों सहित कई लोग घायल हो गये थे।

भागलपुर शहरी सीट से लड़ चुके हैं विधानसभा चुनाव
चुनाव पूरे बिहार की राजनीति में भूचाल लाने वाले अर्जित शाश्वत केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे हैं और काफी समय से बीजेपी से जुड़े हुए है। अर्जित का नाता संघ से भी है। 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अर्जित ने भागलपुर शहरी सीट से भाजपा की टिकट पर किस्मत आजमाया था लेकिन हार का सामना करना पड़ा। जबकि उनके पिता अश्विनी चौबे लगातार पांच दफा भागलपुर सीट से जीते थे। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अर्जित को बीजेपी का टिकट देने को लेकर पार्टी के अंदर भी विरोध हुआ था।












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