भागलपुर हिंसा में आरोपी केंद्रीय मंत्री का बेटा बोला, मैं क्यों सरेंडर करूं
पटना। केंद्रीय मंत्री अश्विवी चौबे के बेटे अरिजीत शाश्वत ने खुद पर लगे सांप्रदायिक आरोप के बाद पहली बार सामने आकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि मैं न्यायालय की शरण में हूं, भागते वो हैं, खोजना उनको पड़ता है जो कहीं गायब हो गए हों। मैं समाज के बीच में हूं। उन्होंने कहा कि मैं क्यों आत्मसमर्पण करूं। कोर्ट अगर वारंट जारी करता है तो वह शरण भी देता है। एक बार आप जब कोर्ट जाते हैं तो आप वही करते हैं जो कोर्ट आपसे कहता है।

अरिजीत शाश्वत ने कहा कि अगर पुलिस मुझे गिरफ्तार करने आती है तो मैं वो करूंगा जो वह कहेंगे। मैंने अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दायर कर दी है। अपने बेटे की सफाई में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि मेरे बेटे ने कोई गंदा काम नहीं किया है। एफआईआऱ तो झूठ का पुलिंदा है, उसपे क्यों सरेंडर करेगा। अरिजीत कहीं छिपा नहीं है, वो आज अपने गांव भी गया और भगवान राम की आरती भी करता है।
आपको बता दें कि 17 मार्च को भागलपुर में बिना इजाजत झांकी निकालने की वजह से अरिजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस झांकी के दौरान सांप्रदायिक तनाव कायम हो गया है, जिसके बाद दो पुलिस कर्मी घायल गो गए थे। इस घटना के बाद आरजेडी और कांग्रेस ने पिछले हफ्ते बिहार विधानसभा की कार्रवाई को ठप कर दिया था। दोनों ही दलों ने शाश्वत की गिरफ्तारी की मांग की थी।
अरिजीत शाश्वत पर आरोप है कि उन्होंने शहर में सांप्रदायिक तनाव फैलाने का काम किया है, जिसके बाद भागलपुर पुलिस उनकी तलाश कर रही है। स्थानीय कोर्ट ने पुलिस की अपील पर शाश्वत और अन्य 9 लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया है। इस मामले में पुलिस ने साफ किया है कि वह किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी। इस घटना के बाद लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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