अमरनाथ यात्रा पर फिदायीन हमले का खतरा, कश्मीर पहुंचे ब्लैक कैट कमांडो

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में पीडीपी और बीजेपी के बीच गठबंधन टूटने के बाद राज्य में अस्थिरता का दौर जारी है। 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा से पहले उस पर आतंकी खतरा मंडरा रहा है। यात्रा से पहले खुफिया रिपोर्ट मिली है कि आतंकी अमरनाथ यात्रा रूट पर फिदायीन हमला कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने इससे निपटने के लिए श्रीनगर में ब्लैक कैट कमांडो तैनात किए हैं। ये कमांडो किसी भी आपातकालीन स्‍थ‍िति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

 गृह मंत्रालय ने कश्मीर में एनएसजी की तैनाती को अनुमति दी

गृह मंत्रालय ने कश्मीर में एनएसजी की तैनाती को अनुमति दी

अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर घाटी में कुछ समय के लिए एनएसजी की एक टीम तैनात की गई है और शहर के बाहरी इलाके में उनका कठोर प्रशिक्षण चल रहा है। हाल में गृह मंत्रालय ने कश्मीर में एनएसजी की तैनाती को अनुमति दी थी। उन्होने बताया कि ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा हो जाने के बाद उनका इस्तेमाल किया जाएगा। उनके मुताबिक एनएसजी को यहां जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधीन रखा जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस ही सभी आतंकविरोधी अभियानों की नोडल एजेंसी होती है।

 कमांडो को घाटी में आतंकवादियों से निपटने की खास ट्रेनिंग दी गई

कमांडो को घाटी में आतंकवादियों से निपटने की खास ट्रेनिंग दी गई

श्रीनगर में तैनात किए गए ब्लैक कैट कमांडो को घाटी में आतंकवादियों से निपटने की खास ट्रेनिंग दी गई है। एनएसजी की टीम में दूर से मार करने वाले स्नाइपर के अलावा क्‍लोज कॉम्बैट टीम के जवान भी शामिल हैं। ये सभी जवान अत्‍याध‍ुनिक हथ‍ियारों से लैस हैं। अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने ये भी अहम फैसला लिया है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल 17 फीसदी ज्यादा सुरक्षा बलों की तादाद बढ़ाई जा रही है। पिछले साल 204 कंपनियां सुरक्षा बलों की थी उन्हें 2018 में बढ़ाकर 238 कंपनियां कर दिया गया है।

अमरनाथ यात्रा के संवेदनशील जगहों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी

अमरनाथ यात्रा के संवेदनशील जगहों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी

अमरनाथ यात्रा के संवेदनशील जगहों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। इस साल एसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा अर्धसैनिक बलों के कंपनियों की अगुवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, घाटी में इस समय 102 हिजबुल के लोकल आतंकी के साथ-साथ 47 लश्कर और 11 जैश के लोकल आतंकी मौजूद हैं। वहीं जम्मू- कश्मीर में 450 आतंकी घुसपैठ की तैयारी में हैं । हाल ही में सरकार द्वारा सीजफायर खत्म करने के बाद से लश्कर और जैश के आतंकियों में बौखलाहट है। इसलिए आतंकी अमरनाथ यात्रियों को निशाना बना सकते हैं।

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