Budget 2026: रविवार 1 फरवरी को भी खुलेगा शेयर बाजार, 9 साल बाद होगा वर्किंग संडे, जानें वजह
Union Budge 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। खास बात यह है कि इस बार बजट का दिन रविवार है, लेकिन इसके बावजूद देश के प्रमुख शेयर बाजार खुले रहेंगे।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने साफ कर दिया है कि 1 फरवरी को सामान्य कारोबारी दिनों की तरह ही ट्रेडिंग होगी। यह हाल के वर्षों में एक दुर्लभ अवसर है, जब शेयर बाजार रविवार को काम करेगा।

इस दिन सिर्फ इक्विटी मार्केट ही नहीं, बल्कि फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O), करेंसी डेरिवेटिव्स और कमोडिटी डेरिवेटिव्स समेत सभी सेगमेंट्स में कारोबार होगा। बजट जैसे बड़े आर्थिक आयोजन के दिन बाजार को खुला रखने का मकसद यह है कि निवेशक बजट में की गई घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें।
बाजार के समय में कोई बदलाव नहीं होगा
BSE और NSE दोनों ने इस संबंध में अलग-अलग सर्कुलर जारी किए हैं। एक्सचेंजों के मुताबिक, बजट वाले दिन यानी 1 फरवरी को बाजार के ट्रेडिंग टाइम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बाजार बिल्कुल सामान्य दिनों की तरह ही खुलेगा और बंद होगा। ट्रेडिंग का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा-
- प्री-ओपन सेशन: सुबह 9:00 बजे से 9:08 बजे तक
- नॉर्मल ट्रेडिंग सेशन: सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक
- पोस्ट-क्लोजिंग सेशन: दोपहर 3:40 बजे से शाम 4:00 बजे तक
हालांकि, BSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस दिन टी+0 सेटलमेंट सेशन और सेटलमेंट डिफॉल्ट के लिए ऑक्शन सेशन नहीं होंगे। इसके अलावा क्लियरिंग और सेटलमेंट साइकिल में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
Budget Day Stock Market Open: 2017 के बाद पहली बार रविवार को खुलेगा बाजार
यह पिछले करीब 9 वर्षों में पहला मौका होगा जब केंद्रीय बजट के लिए शेयर बाजार रविवार को खुलेगा। इससे पहले साल 2017 में भी 1 फरवरी रविवार था और उस दिन भी बाजार में ट्रेडिंग कराई गई थी। आमतौर पर शेयर बाजार शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं, लेकिन बजट के लिए एक्सचेंज 'स्पेशल ट्रेडिंग डे' घोषित करते हैं।
NSE और BSE की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, 1 फरवरी को इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी और कमोडिटी समेत सभी सेगमेंट्स में कारोबार होगा। यानी निवेशकों और ट्रेडर्स को किसी भी तरह की पाबंदी या समय में बदलाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
केंद्रीय बजट में टैक्स स्लैब, कैपिटल एक्सपेंडिचर, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और विभिन्न सेक्टर्स के लिए बड़े ऐलान किए जाते हैं। अगर बजट के दिन बाजार बंद रहता, तो निवेशकों को सोमवार तक इंतजार करना पड़ता। इससे अगले कारोबारी दिन बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका रहती। रविवार को बाजार खुला रहने से निवेशक बजट भाषण के दौरान और उसके तुरंत बाद अपनी रणनीति बना सकेंगे। इससे बाजार में पारदर्शिता बनी रहती है और अनावश्यक सट्टेबाजी या ऑफ-मार्केट गतिविधियों की संभावना भी कम होती है।
निवेशकों को क्या होगा फायदा?
बजट के दिन लाइव ट्रेडिंग सत्र होने से निवेशकों को कई फायदे मिलेंगे:
- रियल-टाइम रिएक्शन: बजट घोषणाओं के साथ ही शेयरों की कीमतों में हो रहे बदलाव पर तुरंत फैसले लिए जा सकेंगे।
- जोखिम प्रबंधन: सोमवार तक इंतजार करने के बजाय निवेशक उसी दिन अपनी पोजीशन को संतुलित कर पाएंगे।
- स्थिरता: अचानक बड़े गैप-अप या गैप-डाउन ओपनिंग की संभावना कम होगी।
निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए सलाह
एक्सचेंजों ने निवेशकों और ट्रेडर्स को सलाह दी है कि वे रविवार के विशेष ट्रेडिंग सत्र के लिए अपने सिस्टम, फंड और तकनीकी तैयारियां पहले से पूरी कर लें। यह फरवरी 2026 के हॉलिडे कैलेंडर में एकमात्र अपवाद होगा, जब बाजार रविवार को खुलेगा।
बजट 2026 के दिन शेयर बाजार का खुला रहना भारतीय पूंजी बाजार को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ निवेशकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सरकार और बाजार के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिलेगा।












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