Union Budget 2019: 'ब्रीफकेस' की जगह लाल मखमली कपड़े में 'बजट' लपेटकर लाईं निर्मला सीतारमण, क्यों?
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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना पहला आम बजट पेश करेंगी जिसमें वह अर्थव्यवस्था में तेजी लाने, किसानों की आय में बढ़ोतरी करने, वेतनभोगियों को आयकर और विभिन्न मदों में छूट के जरिये खुश करने की कोशिश कर सकती हैं, फिलहाल उनके पिटारे में क्या है, ये तो अब से थोड़ी देर में पता चल जाएगा लेकिन बजट से पहले वित्तमंत्री ने जरूर एक बात से चौंका दिया है।
'ब्रीफकेस' की जगह लाल मखमली कपड़े का इस्तेमाल
दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज जब मंत्रालय पहुंचीं तो उनके हाथ में बजट वाला ब्रीफकेस नहीं था, जो कि अभी तक यही देखा जाता रहा है कि वित्त मंत्री जब बजट पेश करने वाले होते हैं तो उनके पास 'ब्रीफकेस' होता है, लेकिन इस बार कुछ अलग नजारा दिखा।

अंग्रेजों के जमाने की परंपरा
दरअसल 1733 में जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री (चांसलर ऑफ एक्सचेकर) रॉबर्ट वॉलपोल संसद में देश की माली हालत का लेखाजोखा पेश करने आए थे तो अपना भाषण और उससे संबद्ध दस्तावेज चमड़े के एक बैग (थैले) में रखकर लाए थे, तब ये ब्रीफकेस वाली प्रथा चली आ रही थी लेकिन आज इस प्रथा को निर्मला सीतारमण ने तोड़ दिया।

आर्थिक सर्वे
बजट से एक दिन पहले केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सर्वे राज्यसभा और लोकसभा में पेश किया था, आर्थिक सर्वेक्षण में वित्तवर्ष 2019-20 के लिए वास्तविक आर्थिक वृद्धि दर (जीडीपी) सात फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया । सर्वे मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने तैयार किया था।

सालाना रिपोर्ट
आर्थिक सर्वे में देश के विकास का सालाना रिपोर्ट होती है जिसमें ये बताया जाता है कि पिछले 12 महीनों के दौरान देश की अर्थव्यवस्था और सरकार की योजनाओं से क्या प्रगति हुई है, ये दस्तावेज वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार तैयार करते हैं, इस सर्वेंक्षण से ये भी पता चलता है कि सरकार की नीतियों से देश को फायदा हो रहा है या नहीं।












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