Uma Bharti की हुंकार, 'मथुरा-काशी में मंदिर बनेगा, तभी आने वाली पीढ़ियां सुख से रहेंगी'
Uma Bharti News: एक समय में बीजेपी में आक्रामक हिंदुत्ववादी बयानबाजी की पहचान रहीं उमा भारती अब सक्रिय राजनीति से दूर हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में उन्होंने अपनी सरगर्मियां तेज की हैं। 'इंडिया टुडे' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने एक बार फिर मथुरा और काशी वाला नारा दोहराया। उन्होंने कहा कि मैंने सबसे पहले संसद में यह नारा दिया था, 'अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है' और मेरी पार्टी पूरी तरह से मेरे साथ खड़ी थी। मैं एक बार फिर इसे दोहराती हूं। हमारी आने वाली पीढ़ियां भी तभी सुखी रहेंगी जब अयोध्या, मथुरा और काशी में भव्य मंदिर बनेंगे।
उन्होंने कहा कि हर मुसलमान भी जानता है कि हिंदुओं के तीन आराध्य हैं शिव, कृ्ष्ण और राम। अयोध्या के बाद अब मथुरा और काशी में भी भव्य मंदिर बने, तभी हमारी आने वाली पीढ़ियां सुख से रहेंगी। उन्होंने कहा, 'काशी विश्वनाथ का मंदिर है, उसके पीछे मूर्तियां आज भी हैं। इन मूर्तियों पर अगर कोई नेत्रहीन व्यक्ति भी हाथ फेरेगा तो कहेगा कि ये मंदिर है। सब कुछ हमारे सामने है फिर किस बात की देर है?'

Uma Bharti ने कहा, 'मुसलमानों की सहमति से हो फैसला'
उमा भारती ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैंने कहा था कि आप अयोध्या के साथ-साथ मथुरा और काशी को भी बाहर कर दीजिए। हिंदू और मुसलमान की सहमति से इन पर भी मंदिर बनाने का रास्ता निकालें। यही तरीका है कि हमारी आने वाली पीढ़ियां सुख से रह सकती हैं। उन्होंने कहा, 'कोई सच्चा मुसलमान ऐसी जगह पर नमाज नहीं पढ़ सकता है जहां पहले से कोई धर्मस्थल मौजूद हो और उसे तोड़कर नया ढांचा बनाया जाए।'
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बता दें कि राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक उमा भारती भी थीं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। काशी विश्वनाथ के पीछे ज्ञानवापी को लेकर याचिका कोर्ट में दाखिल है।
'बाबर और राम की तुलना नहीं की जा सकती'
इसी इंटरव्यू में उमा भारती ने कहा कि बाबर और भगवान राम की तुलना नहीं हो सकती है। भगवान राम हिंदुओं के आराध्य हैं। राम जन्मभूमि की तुलना मक्का-मदीना से हो सकती है, लेकिन बाबर एक आक्रांता था और उससे प्रभु श्रीराम की तुलना नहीं की जा सकती है। उन्होंने मथुरा और काशी के समाधान पूछने पर कहा कि यह समाधान कोर्ट से हो सकता है, लेकिन संसद भी चाहे तो रास्ता निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा, 'राजीव गांधी ने शाह बानो केस में सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलट दिया था। संसद से भी समाधान निकाला जा सकता है।'
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