Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: भोपाल की सड़कों पर दिन-दहाड़े खुलेआम चल रही शराबखोरी, उमा भारती का आंदोलन फेल!

Bhopal News Ground Report: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब की दुकानों के बाहर का नजारा इन दिनों चिंता का सबब बन रहा है। नई आबकारी नीति के तहत भले ही शराब दुकानों के पास आहते बंद कर दिए गए हों, लेकिन शराबियों ने अब हाईवे के किनारे सड़कों को ही अपना अड्डा बना लिया है।

दिन के उजाले में सैकड़ों लोग शराब की बोतलें और डिस्पोजल ग्लास लेकर सड़क किनारे बैठकर शराबखोरी करते नजर आते हैं। इससे न केवल ट्रैफिक जाम जैसे हालात बन रहे हैं, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।

Liquor consumption is going on openly in broad daylight on streets of MP Uma Bharti movement fails

आहते बंद, पर शराबखोरी का नया ठिकाना

मध्य प्रदेश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में नई आबकारी नीति लागू की थी, जिसके तहत शराब दुकानों के पास बने आहते बंद कर दिए गए थे। इन आहतों में लोग बैठकर शराब पीते थे और चकना खाते थे। इस नीति को लागू करने में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की अहम भूमिका रही, जिन्होंने लगातार आहते बंद करने और स्कूल-मंदिरों के पास शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर अभियान चलाया था। उनकी मांग पर सरकार ने कई बड़े बदलाव किए, लेकिन अब ये बदलाव बेअसर नजर आ रहे हैं।

शराब की दुकानों के पास आहते बंद होने के बाद शराबियों ने हाईवे किनारे की सड़कों को अपना नया ठिकाना बना लिया है। खासकर भोपाल के अयोध्या नगर बाईपास स्थित शराब दुकान के बाहर का नजारा चौंकाने वाला है। यहां दिन-दहाड़े सैकड़ों लोग सड़क किनारे बैठकर शराब पीते हैं, जिससे न केवल नियम-कानून की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है।

हाईवे पर शराबखोरी: जानलेवा लापरवाही

वन इंडिया हिंदी के संवाददाता लक्ष्मी नारायण ने जब अयोध्या नगर बाईपास की शराब दुकान के पास स्थिति का जायजा लिया, तो जो तस्वीर सामने आई, वह बेहद चिंताजनक थी। सड़क किनारे सैकड़ों लोग डिस्पोजल ग्लास और खाने का सामान लेकर हाईवे के किनारे बैठे थे और खुलेआम शराब पी रहे थे। तेज रफ्तार वाहनों के बीच ये लोग बेपरवाह होकर शराबखोरी में डूबे थे। जरा सी चूक से कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें कई लोगों की जान जा सकती है।

जब हमारे संवाददाता ने कुछ लोगों से बात की, तो उन्होंने अपनी मजबूरी बताई। एक शराबी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "घर में पत्नी और बच्चों के सामने शराब नहीं पी सकते। घर में जगह भी कम है, और बच्चे देख लेंगे तो बुरा लगेगा। इसलिए आहते बंद होने के बाद हम यहीं सड़क किनारे बैठकर पीते हैं।" एक अन्य व्यक्ति ने तंज कसते हुए कहा, "सरकार ने आहते तो बंद कर दिए, लेकिन शराब की दुकानें खुली हैं। अगर सरकार इन्हें भी बंद कर दे, तो हम शराब पीना छोड़ देंगे।"

Liquor consumption is going on openly in broad daylight on streets of MP Uma Bharti movement fails

ट्रैफिक जाम और हादसों का खतरा

हाईवे किनारे शराबखोरी का यह सिलसिला न केवल सामाजिक माहौल को खराब कर रहा है, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था पर भी बुरा असर डाल रहा है। सड़क किनारे बैठे लोग अक्सर हाईवे को घेर लेते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम जैसे हालात बन जाते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच शराब के नशे में चूर लोग सड़क पर लापरवाही से चलते हैं, जिससे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, और अगर समय रहते इस पर काबू नहीं किया गया, तो बड़ा हादसा होना तय है।

उमा भारती का अभियान: क्या रहा बेकार?

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराबखोरी के खिलाफ लंबा अभियान चलाया था। उन्होंने न केवल आहते बंद करने की मांग की थी, बल्कि स्कूल, कॉलेज और धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकानों को हटाने के लिए भी आंदोलन किया था। उनकी मांग पर सरकार ने कई कदम उठाए, लेकिन अब सड़कों पर खुलेआम शराबखोरी का यह नजारा उनके प्रयासों पर सवाल उठा रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शराब दुकानों को शहर के बाहरी इलाकों में स्थानांतरित करने और आहते बंद करने का फैसला सही था, लेकिन इसकी निगरानी और लागू करने में कमी रह गई। नतीजा यह है कि शराबी अब सड़कों पर ही अपना अड्डा जमा रहे हैं।

क्या है समाधान?

इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है। शराब दुकानों के बाहर निगरानी बढ़ाने, सड़क किनारे शराबखोरी पर रोक लगाने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है। साथ ही, शराब की दुकानों को रिहायशी इलाकों और हाईवे से दूर करने की मांग फिर से जोर पकड़ रही है।

भोपाल के हाईवे किनारे शराबखोरी का यह नजारा न केवल शहर की छवि को खराब कर रहा है, बल्कि एक बड़े हादसे को भी न्योता दे रहा है। सरकार और प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना होगा। उमा भारती के अभियान को सही मायनों में लागू करने और शराब की दुकानों पर सख्त निगरानी रखने की जरूरत है। क्या आप भी मानते हैं कि शराबखोरी पर लगाम लगाने के लिए और सख्त कदम उठाने चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट्स में जरूर बताएं!

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+