भारतीय छात्रों पर अत्याचार कर रही यूक्रेनी सेना, कीव स्टेशन पर फंसे स्टूडेंट ने बयां किया दर्द
कीव, 01 मार्च। यूक्रेन और रूस के बीच छिड़े युद्ध की वजह से भारत में रहने वाले उन अभिभावकों की रातों की नींद उड़ गई है जिनके बच्चे अभी तक अपने घर नहीं लौटे हैं। भारत सरकार यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों और प्रवासियों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन 'गंगा' की शुरुआत की है, जिसके तहत अब तक कई लोग स्वदेश लौट चुके हैं। इस बीच यूक्रेन में अभी भी घर वापसी का इंतजार कर रहे छात्रों ने यूक्रेनी सेना पर हिंसा और जबरन रोके जाने का आरोप लगाया है।

कीव के रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में कामयाब रहे एक भारतीय छात्र ने सोमवार को भारतीय दूतावास से उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालने की अपील की। छात्र ने कहा कि यूक्रेनी गार्ड छात्रों को ट्रेनों में चढ़ने की अनुमति नहीं दे रहे थे और लोगों की पिटाई भी कर रहे थे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें छात्रों के साथ कुछ गार्ड मार-पीट करते और धमकाते नजर आ रहे हैं।
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भारतीय छात्र अंश पंडिता ने कहा, 'हमारे लिए यहां रहना मुश्किल हो रहा है।' मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं सहित कई भारतीय छात्र कीव में भीड़भाड़ वाले वोकजल रेलवे स्टेशन पर एक साथ बैठे हुए थे और एक बड़ा तिरंगा पकड़े हुए थे ताकि उन्हें भीड़ में पहचाना जा सके। इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा था कि ग्रुप से कोई लापता न हो जाए। करीब 100 छात्रों का समूह स्टेशन पहुंचने में कामयाब रहा लेकिन कोई भी ट्रेन में नहीं चढ़ सका।
लड़कियों को भी नहीं जाने दिया
कीव में तारास शेवचेंको नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र अंश पंडिता ने स्टेशन से फोन पर कहा, 'यूक्रेनी सैनिक हमें हंगरी जाने के लिए ट्रेन में चढ़ने नहीं दे रहे हैं। सच ये है कि वे किसी भी अंतरराष्ट्रीय निवासी को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। हमने उनसे कम से कम लड़कियों को जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया, लेकिन वह अनुरोध पर उनकी प्रतिक्रिया किसी बहरे इंसान जैसी थी।'












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