एएमयू वीसी के बयान पर भड़कीं स्मृति ईरानी बताया बेटियों का अपमान
नई दिल्ली| मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा लड़कियों को उसके पुस्तकालय में जाने से रोकने की खबरें आहत करने और गुस्सा दिलाने वाली हैं। मंत्रालय ने भी उच्च शिक्षा सचिव के माध्यम से इस घटना के बारे में जानकारी मांगी है। मंत्री ईरानी ने जमकर शाह के बयान को कोसा और कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद के 125वें जन्मदिन पर लड़कियों को अपमानित करने की कुछ खबरें आ रहीं हैं, जो कि एक महिला होने के नाते आहत करने और गुस्सा दिलाने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह के बयान उस दिन आ रहे हैं जब पूरा देश राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मना रहा है। जब पढ़े-लिखे लोग और उच्च पद पर आसीन लोग इस तरह की बात करते हैं तो सिर शर्म से झुक जाता है और गुस्से से खून खौलने लगता है।
'एएमयू कुलपति का बयान पर गुस्सा आता है'
मालूम हो कि एएमयू के वीसी जमीरुद्दीन शाह ने सोमवार को विश्वविद्यालय के मौलाना आजाद पुस्तकालय का उपयोग करने के लिए महिला कॉलेज की छात्राओं की मांग को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि अगर लड़कियों को पुस्तकालय में जाने की अनुमति दे दी गई, तो वहां पर चार गुना ज्यादा लड़के पहुंचेंगे।
मंगलवार को हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके बयान को सनसनीखेज बनाया गया है। मैंने बस यह कहा था कि कि पुस्तकालय में बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। हम यौनवादी नहीं हैं और हम भी चाहते हैं कि महिलाएं सशक्त बनें। निस्संदेह हम लड़कियों को अलग नहीं करना चाहते।"
अपना बचाव करते शाह ने यह भी कहा, "महिला कॉलेज में हमने 11 लाख रुपये का अनुदान दिया है ताकि वहां के पुस्तकालय में भी मौलाना आजाद जैसे एयर कंडीशनर लगाए जाएं। हर वह किताब जो मौलाना पुस्तकालय में मौजूद है वह लड़कियों के लिए पहले से ही ऑनलाइन उपलब्ध है।" मालूम हो कि मौलाना आजाद पुस्तकालय में छात्राओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा हुआ है।













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