Udhayanidhi Staline: स्टालिन को 'सनातन धर्म बयान' पर मिली 'सुप्रीम राहत', बिना अनुमति नहीं होगी नई FIR
Udhayanidhi Staline: तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार,6 मार्च को सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि उदयनिधि के कथित'सनातन धर्म वाले बयान' पर उनके खिलाफ बिना अनुमति नई एफआईआर नहीं दर्ज की जाएगी।
सनातन धर्म पर कथित टिप्पणी संबंधी मामले में शीर्ष अदालत ने उदयनिधि स्टालिन को बलपूर्वक कार्रवाई से संरक्षण देने वाले अंतरिम आदेश की अवधि को भी बढ़ा दिया है।

देश के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने इस मामले में तमिलनाडु के डिप्टी सीएम को राहत दी। पीठ ने आदेश देते हुए कहा, 'हम निर्देश देते हैं कि इस न्यायालय की अनुमति के बिना कोई और मामला दर्ज न किया जाए।'
Udhayanidhi Staline: स्टालिन के वकील की दलील
स्टालिन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि एफआईआर महाराष्ट्र के अलावा पटना, जम्मू, बंगलूरू में भी दर्ज की गई हैं। उन्होंनें कोर्ट से कहा कि इन सभी मामलों को उस स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है, जहां ये कथित घटना हुई थी। सिंघवी ने कहा कि स्टालिन के खिलाफ बिहार में एक नया मामला दर्ज किया गया था और लंबित याचिका में शिकायतकर्ताओं को पक्षकार बनाने के लिए संशोधन याचिका दायर की गई थी। उन्होंने टीवी एंकर अर्नब गोस्वामी, ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर और राजनीतिज्ञ नूपुर शर्मा के मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने अन्य सभी मामलों में अलग-अलग जगह पक दायर एफआईआर को उस स्थान पर स्थानांतरित कर दिया, जहां पहली बार दर्ज की गई थी।
Udhayanidhi Staline: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलील
महाराष्ट्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस मामले का हवाला देते हुए कहा कि यह सनातन धर्म उन्मूलन सम्मेलन था, जहां उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म को मलेरिया, कोरोना, डेंगू आदि की तरह खत्म किया जाना चाहिए। कृपया इस बात पर गौर करें कि अगर किसी दूसरे राज्य का मुख्यमंत्री किसी खास धर्म, जैसे कि इस्लाम, के बारे में ऐसी ही बातें कहता है, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीजेआई ने कहा, 'हम मामले के गुण-दोष में नहीं जा रहे हैं। केवल एक सवाल है कि क्या इसे एक जगह स्थानांतरित किया जाना चाहिए।' सीजेआई ने कहा, 'हम नहीं चाहेंगे कि सर्वोच्च न्यायालय किसी भी शब्द पर टिप्पणी करे, उनका मुकदमे पर प्रभाव पड़ता है।'
Udhayanidhi Staline: क्या है पूरा मामला?
सितंबर 2023 में एक सम्मेलन में बोलते हुए उदयनिधि ने कहा था कि सनातन धर्म, सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है। सनातन धर्म डेंगू, मलेरिय और कोरोना जैसा है इसका सिर्फ विरोध नहीं होना चाहिए बल्कि इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जाना चाहिए। महाराष्ट्र, बिहार, जम्मू और कर्नाटक सहित देश के विभिन्न हिस्सों में उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं।












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