UCC किसी के धर्म को टारगेट नहीं करता है बल्कि...', केरल राज्यपाल आरिफ ने समान नागरिक संहिता पर बोली ये बात
UCC किसी के धर्म को टारगेट नहीं करता है बल्कि...', केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने समा नागरिक संहिता पर बोली ये बात
Uniform civil code (ucc): समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि देश एक कानून से चल सकता है। जिसके बाद यूसीसी को लेकर लगातार विपक्षी पार्टियां और अन्य संगठन केेंद्र सरकार पर हमलावर हैंं और इस पर एक बार फिर से बहस छिड़ चुकी है।

वहीं केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान जो अपने बयानों के कारण आए दिन सुर्खियों में बने रहते हें,उन्होंनें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अलुआ में कहा कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता संविधान के संस्थापकों की कल्पना के अनुसार न्याय की एकरूपता हासिल करना चाहती है। उन्होंने कहा ये समाान नागरिक संहिता कानून किसी जाति या धर्म को टारगे नहीं करता है ये तो देश के सभी नागरिकों के लिए समान कानूनों की बात करता है।
उन्होंंने कहा कहा हिंदू कोड बिल को लागू हुए 7 दशक से ज्यादा समय हो बीत चुका है। यह हिंदू, सिख, बौद्ध और जैनियों पर समान रूप से लागू होता है। क्या वह उन सभी के बीच एकरूपता पैदा करने में सक्षम है?
उन्होंने कहा केरल में जिस तरह से शादी संपन्न होती है और उत्तर प्रदेश में जिस तरह से मनाई जाती है वह अलग है। ऐसे किसी भी कानून का संबंध आपके विवाह के तरीके, रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और प्रथाओं से संबंधित नहीं हो सकता है। वे कानून द्वारा लक्षित नहीं हैं।
अलुवा में मीडिया से रूबरू आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य अभ्यास की एकरूपता प्राप्त करना नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि समान नागरिक संहिता को लेकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है कि यदि इसे लागू किया जाता है, तो निकाह के माध्यम से विवाह संपन्न नहीं होंगे।
यह कहते हुए कि वह पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में नवीनतम राजनीतिक घटनाक्रम से पूरी तरह परिचित नहीं हैं, उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जो लोग सार्वजनिक जीवन में हैं उन्हें संदेह से परे होना चाहिए।
The Hindu Code bill is now since more than 7 decades. It is equally applicable to Hindus, Sikhs, Buddhists, and Jains. Has that been able to create uniformity among them all? Not even among Hindus. The way marriage is solemnized in Kerala is different from the way its solemnized… pic.twitter.com/3kZoODhFs1
— ANI (@ANI) June 30, 2023












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