त्रिपुरा में हिंसा की झूठी खबर प्रकाशित करने के आरोप में हिरासत में ली गईं दो महिला पत्रकारों को मिली जमानत
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से झूठी खबर प्रकाशित करने के आरोप में गिरफ्तार दो महिला पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्ण झा को गोमती जिले की एक अदालत ने जमानत दे दी है।
अगरतला, 15 नवंबर। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के उद्देश्य से झूठी खबर प्रकाशित करने के आरोप में गिरफ्तार दो महिला पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्ण झा को गोमती जिले की एक अदालत ने जमानत दे दी है। बता दें कि राज्य में हाल ही में हुईं सांप्रदायिक घटनाओं पर रिपोर्ट लिखने के लिए त्रिपुरा आई दो महिला पत्रकारों को असम पुलिस ने रविवार को असम-त्रिपुरा सीमा के करीब करीमगंज के नीलम बाजार में हिरासत में ले लिया था। एचडब्ल्यू न्यूज नेटवर्क के साथ काम करने वाली पत्रकार समृद्धि सकुनिया और स्वर्ण झा के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद के एक समर्थक द्वारा त्रिपुरा के फातिक्रोय पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दोनों ने अपनी रिपोर्टिंग से त्रिपुरा की छवि खराब की है।
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इन पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और इंडियन वुमेन प्रेस कॉर्प्स ने निंदा की थी।कोर्ट में पेश हुए वकील पीयूष बिस्वास ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि दोनों में से प्रत्येक महिला पत्रकार को 75,000 रुपए के जमानत बांड पर जमानत दी गई है। अदालत ने उन्हें काकराबन पुलिस थाने में पेश होने को कहा है, जहां पूरा मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा।
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अगरतला में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि त्रिपुरा पुलिस के अनुरोध पर दोनों पत्रकारों को हिरासत में लिया गया था। अधिकारी ने कहा कि पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि गोमती जिले में एक मस्जिद को जला दिया गया और कुरान की एक प्रति क्षतिग्रस्त कर दी गई। पुलिस ने संदेह जताया कि उन्होंने जो वीडियोज पोस्ट कीं उनसे छेड़छाड़ की गई है।
बता दें कि सकुनिया ने 11 नवंबर को एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने त्रिपुरा के दरगा बाजार हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि 19 अक्टूबर की सुबह करीब ढाई बजे दरगा बाजार इलाके में कुछ अज्ञात लोगों ने मस्जिद को आग के हवाले कर दिया। मोहल्ले के लोग इस बात से काफी परेशान हैं कि अब उनके पास जाने और इबादत करने के लिए कोई जगह नहीं है। इसके बाद त्रिपुरा पुलिस प्रमुख वीएस यादव के कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि सकुनिया ने जो दावा किया वह गलत है और इसने समुदायों के बीच नफरत की भावना को बढ़ावा दिया है।












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