चीनियों को वीजा- मोदी सरकार के दो विभाग भिड़े
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) चीन के टुरिस्टों को भारत आने पर वीजा देने के सवाल पर केन्द्र में मोदी सरकार के दो विभाग आमने- सामने हैं। टुरिज्म मिनिस्ट्री की चाहत है कि चीन से आने वाले पर्यटकों को फौरन वीजा दे दिया जाए। यानी वीजा आन एराइवल। पर गृह मंत्रालय मानता है कि ये कदम ठीक नहीं रहेगा। बेहतर होगा कि वीजा देते वक्त सख्ती बरती जाए। हरेक टुरिस्ट को वीजा ना दिया जाए।

मोदी की चीन यात्रा
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी मई महीने में चीन यात्रा पर जा रहे हैं। इसलिए कुछ जानकारों का कहना है कि सरकार चीन से आने वाले टुरिस्टों को लेकर कोई बड़ी घोषणा करने वाली थी। पर, दो मंत्रालयों के बीच विवाद से मामला लटक सकता है। दरअसल टुरिज्म मिनिस्ट्री ने इस प्रस्ताव पर काम करना भी शुरू कर दिया था कि ब्रिटेन के साथ-साथ चीन से आने वाले यात्रियों को यहां एयरपोर्ट पर ही वीजा दे दिया जाए।
महेश शर्मा मिले राजनाथ से
नोएडा से लोकसभा के सदस्य और केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री डा. महेश शर्मा ने इस बाबत गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात भी की थी। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वीजा आन एराइवल की सुविधा चीन,ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और इटली के पयर्टकों को तुरंत मिल जाए।
हड़बड़ी नहीं
हालांकि सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय चीन को लेकर बहुत जल्दी या किसी तरह की हड़बड़ी करने के पक्ष में नहीं है। गृह मंत्रालय के अधिकारी राजनाथ सिंह को समझा रहे हैं कि चीन के पर्यटकों को वीजा आन एराइवल देने से देश की आतंरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। खुफिया एजेंसियों की सूचना के आधार पर ही गृह मंत्रालय को इस तरह का फीडबैक मिल रहा है।












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