पहले पिता की फिल्म में हीरो बने दोनों बेटे, फिर फंड कम पड़ने पर करने लगे बकरियां चोरी
नई दिल्ली: बॉलीवुड में आपने देखा होगा कि किसी डायरेक्टर या स्टार के बच्चे आसानी से फिल्मों में काम पा जाते हैं। इसके लिए उनके पास ना तो फंड की कमी होती है और ना ही फिल्म में काम करने वाले एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर की, लेकिन तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एक दिलचस्प वाक्या सामने आया है, जिसको सुनकर आप भी हंस देंगे। ये वाक्या इन दिनों राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पिता की फिल्म में बेटे बने हीरो
दरअसल चेन्नई के एक शख्स फिल्म बना रहे थे। उस फिल्म में उनके दो बेटे लीड रोल में हैं। शूटिंग तो शुरू हुई लेकिन बीच में फंड की कमी हो गई। ऐसे मे दोनों भइयों ने फिर से फिल्म शुरू करने के लिए नायाब तरीका निकाला और जानवरों की चोरी का प्लान बनाया। फिर धीरे-धीरे उन्होंने बकरी की चोरी शुरू की। दोनों भाई अपनी कार से चेंगलपेट, माधवराम, मिंजुर और पोन्नेरी के आसपास घूमते रहते थे और जैसे ही बकरी या कोई और जानवर मिले वो उसे चुरा लेते थे।

फिल्म का नाम 'नी थान राजा'
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान निरंजन कुमार और लेनिन कुमार के रूप में हुई है, वो तीन साल से ऐसे ही बकरी और अन्य जानवरों की चोरी कर रहे थे। उनके पिता एक फिल्म बना रहे, जिसका नाम 'नी थान राजा' है। उसी फिल्म को पूरा करने के लिए दोनों भाइयों ने चोरी शुरू की। इस बीच एक शख्स ने उनकी शिकायत कर दी, जब पुलिस ने जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज से वो पकड़े गए।

बचने के लिए अपनाया ये तरीका
दोनों भाई काफी शातिर थे, वो नहीं चाहते थे कि कोई उन्हें पकड़ पाए। इसके लिए उन्होंने एक प्लान बनाया। जिसके तहत वो एक शख्स के यहां या झुंड से एक या दो बकरी चुराते थे, ताकी मालिक को भनक ना लगे। आमतौर पर एक बकरी की चोरी के लिए कोई आधिकारिक रूप से शिकायत भी नहीं करता था। उन्होंने एक दिन में 8 बकरी चुराने का लक्ष्य रखा था। एक बकरी के लिए उन्हें करीब 8 हजार रुपये मिलते थे। 9 अक्टूबर को वो माधवरम के पलानी में बकरी चोरी करने गए थे। यहां मामला उल्टा हो गया। माधवरम के पास सिर्फ 6 बकरियां ही थीं, जिससे वो एक चोरी होने से परेशान हो गए। बाद में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
(तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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