Twitter ने की बातचीत की गुजारिश, सरकार ने Koo ऐप के जरिए दिया अपना जवाब
Twitter Account Ban Matter: देश में चल रहे किसान आंदोलन को हवा देने के बाद केंद्र सरकार ट्विटर से नाराज चल रही है। किसानों के मुद्दे पर ट्विटर और सरकार लगातार आमने-सामने है। अब सरकार ने किसानों के विरोध प्रदर्शनों के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए 1,178 खातों को हटाने के आदेश पर ट्विटर के अनुरोध का जवाब दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्वदेसी कू ऐप पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि सचिव आईटी ट्विटर के प्रबंधन के साथ बातचीत करेंगे।

कू ऐप पर पोस्ट साझा करते हुए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि ट्विटर की ओर से सरकार के साथ एक बैठक का अनुरोध किया है। इस बैठक में सचिव आईटी को ट्विटर के सीनियर मैनेजमेंट के साथ जुड़ना था। सरकार जल्द ही अपनी प्रतिक्रिया शेयर करेगी। इससे पहले मंगलवार को ट्विटर ने कहा था कि सूचना मंत्री के साथ औपचारिक बातचीत की मांग की जा रही है, क्योंकि सरकार ने पाकिस्तान और खालिस्तान समर्थकों के साथ 1,178 खातों को हटाने का आदेश दिया है, जो किसानों के विरोध पर गलत सूचना और भड़काऊ सामग्री फैला रहे थे।
पीयूष गोयल ने बनाया कू पर अकाउंट
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी भारतीय माइक्रो ब्लॉगिंग साइट कू पर आ गए हैं। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर बताया कि वो भी अब इस प्लेटफॉर्म पर जुड़ गए हैं। उन्होंने सभी से अपील की है कि लोग भी इस देसी एप से जुड़ें। पीयूष गोयल से पहले कई केंद्रीय मंत्री, मंत्रालय और केंद्र सरकार के दूसरे विभाग इस ऐप पर आ चुके हैं।
जानिए क्या है कू ऐप ?
कू को देसी ट्विटर कहा जा रहा है। कू एक माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट और ट्विटर के लिए एक भारतीय विकल्प है। ऐप को मार्च 2020 में अप्रम्या राधाकृष्णा और मयंक बिदावत्क ने तैयार किया है। कई भारतीय अधिकारियों ने इस नए भारतीय ऐप पर अपने खाते बनाए हैं। ऐप डेवलपर्स ने हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली, तमिल, मलयालम, गुजराती, मराठी, पंजाबी, उड़िया और असमी सहित कई भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं को जोड़ा है। ट्विटर की तरह ही कू यूजर्स शॉर्ट पोस्ट शेयर कर सकते हैं, जिसमें 400 कैरेक्टर तक शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा यूजर्स ऑडियो संदेश, वीडियो, फोटो और लिंक भी शेयर कर सकते हैं।












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