'एक भारत के लिए, दूसरा विदेशी आकाओं के लिए', अन्नामलाई ने राहुल गांधी को घेरते हुए इस कांग्रेसी की जमकर तारीफ
Annamalai takes a dig at Rahul Gandhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को तगड़ा झटका देते हुए भारत से निर्यात की जाने वाले उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप के टैरिफ बम भारत पर फोड़े जोन के बाद मोदी सरकार पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हमला बोला। जिस पर अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तमिलनाडु इकाई के प्रमुख के. अन्नामलाई ने गुरुवार को राहुल गांधी पर निशाना साधाते हुए एक दिग्गज कांग्रेसी की जमकर तारीफ की है।
ट्रंप की टैरिफ नीतियों और भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की वार्ताओं पर दोनों कांग्रेस नेताओं के बयानों के बाद अन्नामलाई की ये प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने सोशल मीडिा पर X पर एक पोस्ट लिखी है, जो जमकर सुर्खियां बटोर रही है।

दरअसल, अन्नामलाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए जिस कांग्रेस नेता की तारीफ की है वो सांसद शशि थरूर हैं। अन्नामलाई ने दोनों कांग्रेस नेताओं के बयानों की तुलना करते हुए कहा कि जहां एक नेता ने भारत के हित की बात की, वहीं दूसरे ने "ऑफशोर मास्टर्स" को खुश करने वाली भाषा का इस्तेमाल किया।
'एक भारत के लिए, दूसरा विदेशी आकाओं के लिए बोलता है'
भाजपा नेता अन्नामलाई ने कहा, "जब दुनिया भारत को एक अंधेरे क्षितिज पर एकमात्र उज्ज्वल स्थान के रूप में मान्यता दे रही है, तब विपक्ष का यह नेता ऐसा महसूस करता है।" उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी "भारत के उत्थान के प्रति अंधे" हैं और "विदेशी आवाजों को प्रतिध्वनित करने के लिए उत्सुक हैं जो इसे कमतर आंकती हैं।"
राहुल गांधी ने ट्रंप के टैरिफ बम पर क्या कहा? भड़की भाजपा
गौरतलब है कि, राहुल गांधी ने ट्रंप के उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिसमें उन्होंने भारत को "मृत्यु-पूंछ वाली अर्थव्यवस्था" बताया था। गांधी ने कहा था, "सभी जानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक मृत अर्थव्यवस्था है, सिवाय प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के।"
गांधी ने कहा कि उन्हें इस बात की "ख़ुशी" है कि ट्रंप ने "एक तथ्य सामने रखा है", और आरोप लगाया कि भाजपा ने "अडानी की मदद के लिएश अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया है।"
शशि थरूर ने ऐसा क्या कहा जिस कारण हो रही उनकी तारीफ?
वहीं, जब शशि थरूर से भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे "चुनौतीपूर्ण" बताया। थरूर ने कहा कि भारत को अमेरिका के बाहर अपने बाजारों में "विविधता" लाने की आवश्यकता है।
थरूर ने आगे कहा, "हमारे पास विकल्प की कमी नहीं है। यदि अमेरिका की मांगें "अनुचित" होंगी, तो भारत को कहीं और देखना होगा। "यही भारत की ताकत है; हम चीन की तरह पूरी तरह से निर्यात-निर्भर अर्थव्यवस्था नहीं हैं"।












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