भारत में ट्रंप की सहयोगी रियल स्टेट कंपनी पर 20 अरब के धोखाधड़ी का आरोप
नई दिल्ली। भारत में ट्रंप ऑर्गेनाइजेशन के साथ साझेदार एक रियल स्टेट कंपनी पर विदेशी निवेशकों के 147 मिलियन डॉलर (करीब 20 अरब रु.) का चुना लगाने का आरोप लगा है। अमेरिका की द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 300 मिलियन डॉलर का निवेश करनी वाली न्यूयॉर्क और लंदन आधारित दो ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनियों ने भारतीय रियल स्टेट कंपनी IREO फ्रॉड का आरोप लगाते हुए नई दिल्ली में पुलिस एफआईआर दर्ज करवाई है। भारतीय रियल स्टेट कंपनी IREO अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'ट्रंप ऑर्गनाइजेशन' के साथ साझेदार है।

अमेरिका और ब्रिटिश आधारित दो विदेशी निवेश कंपनियों ने IREO के मैनेजिंग डायरेक्ट ललित गोयल और को-फाउंडर अनुराग भारगवा के खिलाफ बड़े स्तर पर धोखधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्द करवाई है। दिल्ली पुलिस ने भी IREO के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को स्वीकार किया है, लेकिन इस मामले में फिलहाल कुछ कहना से इनकार कर रही है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक इस फ्रॉड का आंकड़ा 200 मिलियन डॉलर भी हो सकता है।
वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, गोयल ने IREO पर लगे आरोप पर कुछ भी कहने से इनकार किया है। अप्रैल 2016 में प्रोजेक्ट लॉन्च के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने IREO को एक 'शानदार ग्रुप' बताया था। दिल्ली एनसीआर में IREO कंपनी ने कई टॉवर खड़े किए हैं।
द पोस्ट ने लिखा कि इस पूरे मामले में ट्रंप ऑर्गनाइजेशन ने ईमेल और टेलीफोन के जरिए किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। पिछले माह फरवरी में ट्रंप जूनियर ने अपने परिवार की कंपनी और ट्रंप ब्रांड को प्रमोट करने के लिए भारत की यात्रा की थी। उस दौरान ट्रंप जूनियर ने IREO प्रोजेक्ट से दूरी बनाए रखी थी।
गोयल और भारगवा ने अमेरिकी की पेन्सिलवेनिया की इंजीनियरिंग स्कूल से पढ़ाई की है। 2004 में उन्होंने IREO कंपनी को लॉन्च किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में भारगवा बात करने की कोशिश हुई लेकिन उन्होंने आरोप पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।












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