घाटी में 10,000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती पर बोले शाह फैसल, कुछ बड़ा होने वाला है
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में कुछ दिनों की शांति के बाद फिर से हलचल बढ़ गई है। इस हलचल के बीच ही आईएएस ऑफिसर रहे शाह फैसल ने ट्वीट कर इशारा किया है कि सरकार 35ए को हटाने को लेकर कोई बड़ा कदम उठाने जा रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल दो दिनों का कश्मीर दौरा करके लौटे हैं। उनके दो दिवसीय कश्मीर दौरे के बार केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में 10,000 अतिरिक्त जवानों को तैनाती के लिए भेज दिया है।
क्या हटाया जाएगा 35A
शाह फैसल ने ट्वीट कर कहा, ‘घाटी में अचानक सुरक्षाबलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती क्यों हो रही है, इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि इस बात की अफवाह है कि घाटी में कुछ बड़ा भयानक होने वाला है। क्या यह अनुच्छेद 35ए को लेकर है? हालांकि सरकार का कहना है कि अर्धसैनिक बलों के इन जवानों को घाटी में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एंटी-टेररिस्ट ऑपरेशंस को और ताकतवर बनाने के मकसद से रवाना किया गया है। आपको बता दें कि घाटी में इस समय राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है और इस वर्ष गर्मियों में यहां पर थोड़ी शांति है।

नॉर्थ कश्मीर में कम जवान
घाटी में अतिरिक्त बलों की तैनाती पर जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह ने नॉर्थ कश्मीर में कम जवानों की संख्या का हवाला दिया है। डीजीपी दिलबाग ने बताया कि उनकी तरफ से घाटी में अतिरिक्त जवानों के लिए अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि इन अतिरिक्त जवानों को नॉर्थ कश्मीर में तैनात किया जाएगा। वहीं गृह मंत्रालय की तरफ से जारी एक आदेश जारी कर दिया गया है। इस आदेश में कहा गया है कि अतिरिक्त सुरक्षाबल को कश्मीर में कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के अलावा 'काउंटर इनसर्जेंट ग्रिड' को मजबूत करने के लिए तैनात किया जाएगा।

जवानों को किया जा रहा है एयरलिफ्ट
सूत्रों ने तो यहां तक जानकारी दी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से जवानों को एयरलिफ्ट करके कश्मीर लाया जा रहा है। इस पर डीजीपी का कहना है कि नॉर्थ कश्मीर में जवानों की संख्या कम है और ऐसे में अतिरिक्त जवानों की जरूरत है। 100 कंपनियों को एयरलिफ्ट किया गया है और ऐसा हमारे अनुरोध पर हुआ है। हाल ही में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के लिए करीब 40,000 अतिरिक्त सुरक्षाबलों को घाटी में तैनाती के लिए भेजा गया था। ऐसे में पहले से जब इतने जवान घाटी में मौजूद हैं तो 10,000 और जवानों की तैनाती थोड़ा हैरान करती है।

पुलवामा हमले के बाद हुई थी ऐसी तैनाती
24 फरवरी को यानी पुलवामा आतंकी हमले के 10 दिन बाद पैरामिलिट्री फोर्सेज की 100 कंपनियों को एयरलिफ्ट किया गया था और घाटी में तैनात किया गया था। सरकार की ओर से उस समय कहा गया था कि इन सुरक्षाबलों को अप्रैल और मई में होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर तैनात किया जा रहा है। इसके बाद सरकार ने यहां पर जमात-ए-इस्लामी को बैन किया और राज्य में इस संगठन के समर्थकों पर कड़ी कार्रवाई की। दिलबाग सिंह के मुताबिक ट्रूप्स के डेप्लॉयमेंट को लेकर और कोई भी कयास नहीं लगाए जाने चाहिए।












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