त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने कार्यक्रम में ABVP का झंडा फहराया
नई दिल्ली: त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर विजयकुमार लक्ष्मीकांतराव धारुरकर ने एक कार्यक्रम के दौरान कैंपस में राअखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का झंडा फहराया। ये कार्यक्रम 10 जुलाई को आयोजित हुआ था। गौरतलब है कि एबीवीपी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का छात्र संगठन है। उन्होंने झंडा फहराने के सवाल पर कहा कि एबीवीपी एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है और किसी भी पार्टी से संबंधित नहीं है।

लक्ष्मीकांतराव धारुरकर ने कहा कि उन्हें स्वामी विवेकानंद के शिकागो में दिए उनके भाषण की 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में एबीवीपी ने मुझे आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि मैं कार्यक्रम में गया था क्योंकि मुझे आमंत्रित किया गया था और मैं क्यों नहीं जाता? जिस संगठन की आप बात कर रहे हैं, वह राष्ट्रविरोधी और आतंकवादी संगठन नहीं है। यह सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है, जो जनसंघ के आने से बहुत पहले ही अस्तित्व में आ गया था। यह किसी पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है।
एबीवीपी का झंडा फहराने पर धारुरकर ने कहा कि वहां पर भाषण हुए थे और पौधरोपण भी हुआ था। यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि वो पिछले कुछ सालों से देशभर के हजारों संगठनों से जुड़े हुए हैं और उन्हें कुलपति के नाते एबीवीपी के कार्यक्रम में शिरकत करने में कुछ गलत नजर नहीं आता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वो स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जैसे छात्र संगठनों का भी झंडा फहराते। इस पर उन्होंने आगे कहा कि मैं चीन और रूस का स्कॉलर हूं। मैं कार्ल मार्क्स और माओ-त्से तुंग के विचारों से परिचित हूं। मैं बहुत ही खुले विचारों का आदमी हूं और सभी छात्र संगठनों का समर्थन करता हूं। गौरतलब है कि त्रिपुरा यूनिवर्सिटी एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है। इस यूनिवर्सिटी में कुलपति के पद पर नियुक्ति से पहले धारुरकर औरंगाबाद में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी में मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म विभाग के प्रमुख थे।












Click it and Unblock the Notifications