दिल्ली में जब ट्रांसजेंडर ने कहा- प्रेसिडेंट मैं आपसे गले लगना चाहती हूं, बराक ओबामा ने दिया बखूबी जवाब
नई दिल्ली। 'मिस्टर प्रेसिडेंड! मैं ओबामा फाउंडेशन की सफलता के लिए कामना करती हूं। मैं एक ट्रांसजेंडर महिला हूं। मेरा नाम डॉ. अक्काई पदमाशाली है। मैं एक सेक्स वर्कर थी, मैंने भीख भी मांगी है। समाज के हर तबके ने मेरा बहिष्कार किया है और मैं एक ब्लैक ब्यूटी हूं। मैं आपसे प्यार करती हूं।' बेंगलुरु की लोकप्रिय ट्रांसजेंटर और एक्टिविस्ट अक्काई पदमाशाली ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से जब ये बातें कही तो एक बार के लिए तो पूरा टाउन हॉल गमगीन हो गया।

नई दिल्ली में ओबामा फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रोग्राम में ट्रांसजेंडर पदमाशाली ने बराक ओबामा के सामने LGBT के लोगों के साथ भेदभाव और सेक्शन 377 को लेकर सवाल किया। पदमाशाली ने ओबामा से पूछा, 'जिस पर इतना अत्याचार हुआ हो या ताकतवर पुरुषवादी समाज में व्यक्तिगत रूप से सरकार के खिलाफ कैसे आवाज उठाई जाए।' दरअसल पदमाशाली का सवाल भारत में ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ होते भेदभाव को लेकर था। पदमाशाली ने अपने सवाल के अंत में ओबामा से गले लगने की इच्छा जताई।
शांति के लिए नोबल से सम्मानित बराक ओबामा ने पदमाशाली के गले लगने की इच्छा पर बखूबी उत्तर देते हुए कहा, 'बिल्कुल, प्रोग्राम के बाद हम गले लग सकते हैं'। ओबामा ने भारत में ट्रांसजेंडर के सवाल पर कहा कि देश का पार्लियामेंट इस मुद्दे को किस तरह से ले रहा है इसपर मैं ज्यादा नहीं कहना चाहूंगा।
ओबामा ने पदमाशाली के सवाल का जवाबा दिया- 'मुझे लगता के कि सभी को अपनी आवाज उठाने का हक मिलना चाहिए। सिर्फ इसलिए कि कोई अलग है, उसके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। हमें सही ढंग से समाज की सोच में बदलाव लाना होगा। एक अश्वेत के तौर पर मुझे भी पहले यही लगता था कि मैं दुनिया से अलग हूं। अच्छा नहीं लगता था। लेकिन, वहां हालात बदले। आप जब आवाज उठाते हैं तो लोग फिर साथ आ ही जाते हैं। अगर आप ट्रांसजेंडर हैं तो आपको सेक्शुअल असॉल्ट के खिलाफ आवाज उठानी होगी। राजनीतिक दबाव बनाना होगा और लोगों को अपने साथ लाने की कोशिश करनी होगी। इसमें वक्त लगता है, लेकिन कामयाबी तय है।'












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