Touchdown of Rafale: राजनाथ सिंह ने शेयर किया राफेल की लैंडिंग का वीडियो, बोले- दुश्मनों को डरने की जरूरत
नई दिल्ली। फ्रांस से मिले अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल का पहला बैच आज हरियाणा के अंबाला एयरबेस पर पहुंच गया है। 5 राफेल विमानों को रिसीव करने खुद एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया अंबाला एयरबेस पहुंचे हैं। भारत के लिए यह बहुत गर्व का पल है जब विश्व के घातक फाइटर जेट में से एक राफेल आज भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल हो गया है। इस बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पांचों राफेल की सुरक्षित लैंडिंग का एक वीडियो पोस्ट किया है।
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राजनाथ सिंह ने राफेल की लैंडिग का वीडियो पोस्ट किया
गौरतलब है कि राफेल की सुरक्षा के मद्दे नजर हरियाणा स्थित अंबाला एयरबेस के आस-पास के 3 किलीमीटर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। यहां फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर बैन के साथ-साथ 3 किलोमीटर के एरिया को नो ड्रोन जोन घोषित किया गया है, साथ ही धारा-144 भी लगाई गई है। इतनी कड़ी सुरक्षा में राफेल की तस्वीर सामने आना मुश्किल थी लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राफेल की लैंडिग का वीडियो शेयर किया है जो अब वायरल हो रहा है।

विरोधिया पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'अगर ऐसा कोई है जिसे भारतीय वायु सेना की इस नई क्षमता के बारे में सोचकर चिंता या आलोचनात्मक होना चाहता तो, जो हमारी क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डालना चाहता तो उसे ऐसा जरूर करना चाहिए।' राजनाथ सिंह ने अपने ट्वीट में विरोधियों को निशाने पर लेते हुए लिखा, 'राफेल जेट खरीदे गए थे जब वे भारतीय वायुसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरी तरह से पूरा करते थे। इस खरीद के खिलाफ निराधार आरोपों का जवाब दिया जा चुका है।'

राजनाथ ने गिनाईं राफेल की खूबियां
राफेल की खूबियों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'इस विमान की उड़ान बहुत अच्छी है और इसके हथियार, रडार, सभी सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमताएं दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हैं। भारत में इसका आगमन भारतीय वायुसेना को हमारे देश पर आने वाले किसी भी खतरे को रोकने के लिए बहुत मजबूत बना देगा।' गौतलब है कि फ्रांस के साथ सन् 2015 में 36 राफेल की डील भारत ने साइन की थी। सोमवार को राफेल फ्रांस के मेरीनेक से भारत के लिए रवाना हुए थे। राफेल की भारत तक उड़ान के दौरान एक स्टॉप यूनाइटेड अरब एमीरेट्स (यूएई) का अल दाफ्रा एयरबेस था। अबू धाबी के करीब यह एयरबेस अमेरिकी सेनाओं का अहम बेस है और यहां से फ्रांस की सेनाएं भी ऑपरेट करती हैं।
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