देश में लूट की 5 बड़ी वारदातें, जिनसे हिल गए बैंक
नई दिल्ली। सेलम से चेन्नई जा रही ट्रेन से फिल्मी स्टाइल में 5.78 करोड़ की लूट हो गई। चलती ट्रेन में जिस तरह कोच काटकर वारदात को अंजाम दिया गया, वह जानकर हर कोई हैरान है। लेकिन यह ऐसी इकलौती लूट नहीं है। देश में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी बड़ी वारदातें। पढ़िए, लूट के पांच बड़े कांड, जिनसे हिल गए बैंक...

1. दिल्ली की सबसे बड़ी कैश वैन लूट
देश की राजधानी में 24 नवंबर 2015 को दिल्ली की सबसे बड़ी लूट हुई। एटीएम मशीनों में रीफिलिंग के लिए 22.5 करोड़ रुपये लेकर जारी रही एक्सिस बैंक की कैश वैन को ड्राइवर फरार हो गया था। वैन दिल्ली के विकासपुरी स्थित बैंक ब्रांच से निकलने वाली थी। वैन में कैश रखने के बाद गार्ड टॉयलेट चला गया। इसी
2. सोनीपत में 100 करोड़ की बैंक रॉबरी
अक्टूबर 2014 के आखिरी सप्ताह में हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहना में स्थित पंजाब नेशनल बैंक ब्रांच से डकैतौं ने करीब 100 करोड़ की लूट की। इस दौरान उन्होंने 89 लॉकर तोड़े थे। इस रॉबरी के लिए लुटेरों ने बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम तक करीब 125 फीट लंबी और 2.5 फीट चौड़ी सुरंग खोदी थी। सुंरग खोदने के दौरान उन्होंने किसी को भी भनक नहीं लगने दी। इतनी सावधानी बरती गई कि एक भी टेलीफोन वायर या पाइप लाइन को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। इस घटना के मुख्य आरोपी महिपाल ने आत्महत्या कर ली थी, जबकि दो अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और लूटा हुआ ज्यादातर सोना बरामद कर लिया था। वारदात को अंजाम देने के तरीके से यह रॉबरी काफी चर्चा में रही।
3. जब भारत समेत कई देशों में हुई ऑनलाइन बैंक रॉबरी
कारबैंक नाम एक ऑनलाइन फ्रॉड ग्रुप ने इंटरनेट के जरिए भारत समेत दुनिया के कई देशों के बैंकों को एक साथ निशाना बनाया था। साल 2013 की शुरुआत में इस ग्रुप ने एक वायरस के जरिए बैंक सर्वर पर एंट्री मारी और कई खातों से पैसे ट्रांसफर कर लिए। उस समय भारत में साइबर बैंकिंग बेहद शुरुआती स्तर पर मानी जा रही थी, इसलिए इसे मीडिया में ज्यादा उछाला नहीं गया, क्योंकि बैंकों को भी कारोबार गिरने की चिंता थी। इस ग्रुप ने भारत, अमेरिका, चीन, जर्मनी, रूस, कनाडा, फ्रांस, स्पेन और नॉर्वे जैसे कई देशों के करीब 100 बैंकों से पैसे ट्रांसफर किए। बैंकों को इस धोखाधड़ी का पता करीब 2 से चार महीने बाद चला। तब तक लुटेरों ने करोड़ों रुपये पार कर दिए थे। इसके बाद कैस्परस्काई लैब, इंटरपोल और यूरोपोल ने एक मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी।
4. ...जब 'धूम' फिल्म देखकर लूट लिया बैंक
बॉलीवुड फिल्म धूम देखने के बाद चार लोगों ने केरल में बैंक लूटने की साजिश रची। 30 दिसंबर 2007 को कोझीकोड के रहने वाले लुटेरों ने साउथ मालाबार ग्रामीण बैंक की चेलेब्रा ब्रांच से 80 किलो सोना और 25 लाख रुपये लूट लिए। सोने की कीमत करीब 8 करोड़ आंकी गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि जोसेफ नाम के आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर बैंक के ठीक नीचे स्थित रेस्टोरेंट में कमरा किराए पर लिया और रविवार की रात कमरे की छत से बैंक के स्ट्रॉग रूम में सेंध लगा दी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने यह केस सुलझाया था और आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
5. खालिस्तान कमांडो फोर्स बैंक रॉबरी
प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) ने फरवरी 1987 में पंजाब नेशनल बैंक की मिलरगंज (लुधियाना) ब्रांच को निशाना बनाया। इस दौरान उन्होंने करीब 5.7 करोड़ लूट लिए। उस वक्त खालिस्तान आंदोलन जोरों पर था। तब इतनी रकम भी बड़ी बात होती थी। उस वक्त इसे देश की सबसे बड़ी बैंक रॉबरी करार दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने बाद में कोर्ट को बताया था कि यह रॉबरी किसी को मारने या चोट पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं बल्कि हथियार खरीदने के लिए पैसा जुटाने के लिए की गई थी। KCF के सदस्यों ने 2008-2009 के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में रॉबरी की वारदातों को अंजाम दिया। इस संगठन ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की गुड़गांव ब्रांच से भी करीब 1.5 करोड़ की रॉबरी की। आखिरकार दिल्ली पुलिस ने 2009 में गैंग का भंडाफोड़ किया और 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।












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