भाजपा ने इन 4 बड़े नेताओं को दी NCP-Sena-Congress विधायकों को साधने की जिम्मेदारी: सूत्र
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन के बाद से ही भाजपा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी पूर्ण बहुमत होने का दावा कर रही हैं तो दूसरी तरफ भाजपा नंबर बटोरने में जुटी है। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने पार्टी के चार वरिष्ठ नेताओं को एनसीपी-शिवसेना और कांग्रेस के विधायकों से संपर्क साधने का काम सौंपा है। इन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वह इन तीनों ही दलों के विधायकों से संपर्क करें। बता दें कि महाराष्ट्र में भाजपा को विधानसभा में 30 नवंबर को अपना बहुमत साबित करना है।

चार बड़े नेताओं को मिली जिम्मेदारी
सूत्र के अनुसार जिन भाजपा नेताओं को महाराष्ट्र में ऑपरेशन लोटस की जिम्मेदारी दी गई है उनके नाम नारायण राणे, राधाकृष्ण विखे पाटिल, गणेश नाइक और बबनराव पाचपुते शामिल हैं। बता दें कि ये सभी नेता पहले शिवसेना,कांग्रेस और एनसीपी में थे, जो बाद में भाजपा में शामिल हुए हैं। सूत्र के अनुसार इन लोगो को एनसीपी-शिवसेना-कांग्रेस के विधायको से फ्लोर टेस्ट से पहले संपर्क साधने के लिए कहा गया है

ऑपरेशन लोटस से डरी एनसीपी
वहीं इन सब के बीच एनसीपी ने अपने विधायकों को होटल हयात में ठहराने का फैसला लिया है। इन सभी विधायकों को सुरक्षा के मद्देनजर होटल रेनेसा से होटल हयात में ले जाया गया, जहां फिलहाल ये सभी विधायक ठहरे हुए हैं। प्रदेश में चल रही सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया है।

चिंता की जरूरत नहीं
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि मैं पवार साहब से मिला हूं, मुझे बताया गया है कि अजित पवार ने विधायकों के पत्र का गलत इस्तेमाल किया है। जबकि शरद पवार का कहना है कि उनके किसी भी विधायक ने अजित पवार को समर्थन नहीं दिया है, उनका कहना है कि उनके पत्र का गलत इस्तेमाल किया गया है। चव्हाण ने कहा कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के पास संख्या है। जिन विधायकों को गुमराह करके ले जा जाया गया था उसमे से अधिकतर वापस आ गए हैं, बाकि के विधायक भी जल्द ही वापस आ जाएंगे। हमारे सभी 44 विधायक सुरक्षित स्थान पर हैं। हमे किसी भी चीज की चिंता करने की जरूरत नहीं है।












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