Powerful Countries: 2025 में दुनिया के टॉप 10 पावरफुल देशों की सूची से भारत क्यों हुआ बाहर? अब क्या स्थिति?
Top 10 Powerful Countries 2025 India Ranking: दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की 2025 की रैंकिंग में भारत टॉप 10 से बाहर हो गया है। अमेरिका, चीन और रूस पहले तीन स्थानों पर बने हुए हैं, जबकि इजराइल ने 10वां स्थान हासिल किया है। भारत इस साल 12वें स्थान पर चला गया है, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर भारत की स्थिति में गिरावट क्यों आई?
फोर्ब्स के अनुसार , यह रैंकिंग विधि पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर डेविड रीबस्टीन के नेतृत्व में BAV समूह के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित की गई है, और यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट से जुड़ी है। आइए जानते हैं टॉप 10 में कौन-कौन देश ?

2025 में दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देश
| क्रमांक | पावर रैंक और देश | जनसंख्या | जीडीपी |
|---|---|---|---|
| 1 | संयुक्त राज्य अमेरिका | 34.5 करोड़ जनसंख्या | 30.34 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 2 | चीन | 1.41 अरब जनसंख्या | 19.53 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 3 | रूस | 8.4 करोड़ जनसंख्या | 2.2 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 4 | यूनाइटेड किंगडम | 6.9 करोड़ जनसंख्या | 3.73 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 5 | जर्मनी | 8.54 करोड़ जनसंख्या | 4.92 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 6 | दक्षिण कोरिया | 5.17 करोड़ जनसंख्या | 1.95 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 7 | फ्रांस | 6.65 करोड़ जनसंख्या | 3.28 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 8 | जापान | 12.37 करोड़ जनसंख्या | 4.39 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 9 | सऊदी अरब | 3.39 करोड़ जनसंख्या | 1.14 ट्रिलियन डॉलर GDP |
| 10 | इजराइल | 93.8 लाख जनसंख्या | 550.91 अरब डॉलर GDP |
| 11 | भारत (12वां स्थान) | 1.43 अरब जनसंख्या | 3.55 ट्रिलियन डॉलर GDP |
भारत टॉप 10 से बाहर क्यों हुआ?
भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, फिर भी यह टॉप 10 सबसे शक्तिशाली देशों की सूची में क्यों नहीं बना रह सका?
आर्थिक चुनौतियां -
- भारत की GDP 3.55 ट्रिलियन डॉलर है, जो इसे दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाती है।
- लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत अन्य विकसित देशों से काफी पीछे है।
सैन्य और रक्षा क्षेत्र में धीमी प्रगति -
- भारत की सैन्य ताकत बढ़ रही है, लेकिन चीन, अमेरिका, रूस और इजराइल जैसी बड़ी सैन्य ताकतों से मुकाबला करना अभी भी कठिन है।
- स्वदेशी रक्षा उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन अभी बड़े पैमाने पर निर्भरता बनी हुई है।
भू-राजनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन -
- अमेरिका और चीन के बीच शक्ति संतुलन में बदलाव हो रहा है, जिससे भारत की स्थिति प्रभावित हो रही है।
- भारत अभी भी कई बड़े वैश्विक गठबंधनों (NATO, EU) का हिस्सा नहीं है।
तकनीकी और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा -
- भारत AI, 5G, इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया से पिछड़ रहा है।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम बढ़ा है, लेकिन बड़ी तकनीकी कंपनियों का वर्चस्व अभी अमेरिका और चीन के पास है।
सुधारों की धीमी गति -
- ब्यूरोक्रेसी और नीतिगत अड़चनें भारत की रैंकिंग को प्रभावित कर रही हैं।
- भारत को व्यापार करने में आसानी (Ease of Doing Business) को और मजबूत करना होगा।
भारत के लिए आगे का रास्ता क्या?
- आर्थिक सुधार - भारत को अपनी GDP को 5 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर ले जाना होगा।
- रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता - स्वदेशी सैन्य तकनीक और रक्षा उपकरणों पर अधिक जोर देना जरूरी है।
- तकनीकी विकास - AI, 5G, इलेक्ट्रॉनिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग में निवेश बढ़ाना होगा।
- वैश्विक गठबंधनों में अधिक सक्रिय भूमिका - QUAD, BRICS, SCO जैसे संगठनों में भारत को अधिक नेतृत्वकारी भूमिका निभानी होगी।
- Ease of Doing Business सुधार - विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए व्यापार नीति को और अधिक लचीला बनाना होगा।












Click it and Unblock the Notifications