UP के इस जिले में 12 रुपये तो गुजरात के शहर में 15 रुपये किलो बिक रहा टमाटर, फिर आपके यहां क्यों है महंगा
Tomato Price Hike: टमाटर की कीमत देशभर में अचानक से काफी बढ़ गई है। पिछले हफ्ते से देश के कस्बों और शहरों में टमाटर की खुदरा कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम को पार कर गई है और दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई समेत कई शहरों में 100 से 120 रुपये किलो बिक रही है। व्यापारियों और उत्पादकों को कीमतों में गिरावट की कोई उम्मीद भी नहीं है।
वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो देशभर में टमाटर के भाव एक जैसे नहीं हैं। उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक 540 में से 100 शहरों में आज भी टमाटर 30 रुपये किलो से सस्ता है।

यूपी के इस शहर में 12 रुपये किलो टमाटर
उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक देशभर में 28 जून 2023 को टमाटर के भाव अलग-अलग रहें। जहां मेट्रो सिटी में टमाटर 80 से 100 रुपये किलो बिक रहा है तो वहीं कुछ छोटे शहरों में टमाटर 30 रुपये किलो से भी सस्ता है।
उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक उत्तरप्रदेश के रामपुर में 28 जून को टमाटर 12 रुपये किलो बिके हैं। वहीं गुजरात के शहर भुज में टमाटर 15 रुपये किलो बिक हैं।
वहीं यूपी के गोरखपुर में देश का सबसे महंगा टमाटर 121 रुपये प्रति किलो बेचा गया है। प्रयागराज में 110 रुपये और वहीं कानपुर में 25 रुपये किलो टमाटर बिके हैं।
यहां देखें, 28 जून को किस दाम पर बिके टमाटर
- -दिल्ली में 70 रुपये प्रति किलो
- -शिमला 88 रुपये प्रति किलो
- -जम्मू 80 रुपये प्रति किलो
- -लखनउ 100 रुपये प्रति किलो
- -कानपुर 25 रुपये प्रति किलो
- -रामपुर 12 रुपये प्रति किलो
- -प्रयागराज 110 रुपये प्रति किलो
- -रायपुर 99 रुपये प्रति किलो
- -पणजी 75 रुपये प्रति किलो
- -भुज 15 रुपये प्रति किलो
- -भोपाल 78 रुपये प्रति किलो
- -मुंबई 43 रुपये प्रति किलो
- -जयपुर 53 रुपये प्रति किलो
- -पटना 34 रुपये प्रति किलो
- -कोलकाता 77 रुपये प्रति किलो
- -चेन्नई 73 रुपये प्रति किलो
- -बेंगलुरू 73 रुपये प्रति किलो
(ये आंकड़े उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक 28 जून के हैं।)
टमाटर इतने महंगे क्यों हैं?
टमाटर मौजूदा वक्त में इसलिए ज्यादा महंगे हो गए हैं क्योंकि भारी बारिश की वजह से ये प्रभावित हुई है। इसके अलावा अप्रैल-मई में अचानक बढ़ी गर्मी की वजह से कई उत्पादकों को अपनी फसलें छोड़नी पड़ीं। मार्च और अप्रैल की असामान्य गर्मी में कीटों के हमले भी देखे गए, जिसे टमाटर की फसल बर्बाद हो गई।
वहीं कुछ उत्पादक राज्यों से ट्रकों की आवाजाही भी कम हुई है, जिससे दूसरे शहर में टमाटर के भाव बढ़ गए हैं। इसके अलावा गर्मी जल्दी शुरू होने की वजह से दिसंबर और जनवरी में बोए गए टमाटर की फसल खेतों में ही खराब हो गई थी। टमाटर के दाम बढ़ने के पीछे किसानों द्वारा इसका कम उत्पादन भी एक वजह है।
भारत में टमाटर की दो प्रमुख फसलें उगाई जाती हैं। रबी की फसल जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र के जुन्नर तालुका और कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में उगाई जाती है, जो मार्च और अगस्त के बीच बाजार में आती है। अगस्त के बाद बाजार में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के नासिक और देश के अन्य हिस्सों में खरीफ फसल की आपूर्ति होती है।












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