देशवासी कभी न भूलें RSS का असली चेहरा, कांग्रेस ने गिनाईं संघ की कमियां
नई दिल्ली। आज पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। प्रणब मुखर्जी के कार्यक्रम में शामिल होने पर कांग्रेस असहज हो रही है। संघ के कार्यक्रम में शामिल होने पर जहां बीजेपी को नैतिक मजबूती मिल रही है तो वहीं कांग्रेस की बेचैनी बढ़ गई है। नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी के शामिल होने से ठीक पहले कांग्रेस ने संघ पर निशाना साधा और संघ की कमियां गिनवाई।

कांग्रेस ने ट्वीट करते हुए लिखा कि देशवासियों को पता होना चाहिए कि आरएसएस क्या है। कांग्रेस ने ट्वीट कर देशवासियों को संघ की कमियां गिनवाई। उन्होंने लिखा कि लोगों को पता होना चाहिए कि संघ ऐतिहासिक रूप से कैसे खड़ा किया है। कांग्रेस ने संघ पर हमला करते हुए कहा कि लोगों को कभी नहीं भूलना चाहिए कि संघ की विचारधारा भारत के विचारधारा से उलट है।
कांग्रेस ने संघ की कमियां गिनवाते हुए लिखा कि आरएसएस कभी भी अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा नहीं रहा। संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार को खिलाफत आंदोलन में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था ,जो कि स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी अंतिम भागीदारी थी। कांग्रेस ने लिखा कि संघ ने गांधी जी के नमक आंदोलन से भी किनारा कर लिया। वो हमेशा अंग्रेजों के अधीन रहा।
संघ के दूसरे संघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर के बारे में लिखा कि उन्होंने आरएसएस के उन सदस्यों की आलोचना की थी ,जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने की इच्छा जताई थी। उसने कभी भी तिरंगे का सम्मान नहीं किया। इतना ही नहीं संघ और महात्मा गांधी के हत्यारे नाथुराम गोडसे के बीच घनिष्ठ संबंध थे।
कांग्रेस ने संघ पर वार करते हुए लिखा कि गांधी जी की हत्या के बाद संघ ने मिठाईयां बंटवाई थी। संघ के विनायक दामोदर सावरकर ने ब्रिटिश सरकार से कई बार माफी मांगी। संघ ने कभी भी भारतीय संविधान को सम्मान नहीं दिया और मनुस्मृति का पक्ष लेते रहे। कांग्रेस ने इसे ट्वविटर पर शेयर किया है।












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