अमेजन पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोपों पर बोले दिग्विजय सिंह- CJI की देखरेख में हो जांच
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अमेजन-फ्यूचर ग्रुप विवाद मामले में अमेजन द्वारा चुकाई गई 8546 करोड़ रुपए की कानूनी फीस पर सवाल खड़े किए है।
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अमेजन-फ्यूचर ग्रुप विवाद मामले में अमेजन द्वारा चुकाई गई 8546 करोड़ रुपए की कानूनी फीस पर सवाल खड़े किए है। सिंह ने कहा कि खबर है कि फ्यूचर ग्रुप के साथ विवाद के बाद अमेजन ने 8546 करोड़ रुपए की कानूनी फीस चुकाई है। कंपनी ने यह फीस किसे दी? कहा जा रहा है कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है। हम चाहते हैं कि सीजेई की अध्यक्षता में एक कमिटी गठित हो और इस मामले की जांच की जाए।

बता दें कि अमेरिका की ई-कॉमर्स दिग्गज अमेजन ने 2018-20 के दौरान भारत में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए कानूनी खर्च में 8,546 करोड़ रुपए खर्च किए। वहीं जब इस मामले पर विवाद हुआ तो कंपनी ने कहा कि ये पैसे कहां-कहां खर्च हुए वह इसकी जांच कर रही है। वहीं व्यापारी निकाय CAIT ने आरोप लगाया है कि कंपनी के भारत में स्थित कानूनी प्रतिनिधियों ने भारत में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए अधिकारियों को मोटी घूस दी है। CAIT ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हालांकि कंपनी का कहना है कि वह मामले की पूरी जांच कर रही है और यदि कुछ भी अनियमितता पाई जाती है तो वह कड़ा ऐक्शन लेगी। कंपनी ने इस मामले में हुए भ्रष्ट्राचार की खबरों का भी खंडन नहीं किया है।
यह भी पढ़ें: अमेजन इंडिया करेगी रिश्वत देने के आरोपों की जांच, व्यापार संघ ने की CBI जांच की मांग
CAIT के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि दुनिया में ऐसी कौंनसी कंपनी है जो अपने व्यापार को बनाए रखने के लिए अपने वकीलों को अपनी आय का 20 फीसदी दे देगी, जबकि उसे कुछ सालों से नुकसान हो रहा हो। उन्होंने कहा कंपनी ने अपने वकीलों पर 8,500 करोड़ रुपए खर्च किए जबकि दो सालों में (2018-20) में उसका टर्नओवर 45000 रुपए रहा। गौरतलब है कि अमेजन फ्यूचर ग्रुप के अधिग्रहण को लेकर कानूनी विवाद में फंस गया है और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications