ABP निल्सन सर्वे: बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल में खिलेगा कमल पर मुश्किल से

फरवरी और जनवरी के सर्वे में आरजेडी को पांच सीटें मिल रही थीं। लेकिन बीजेपी का एलजेपी से गठबंधन करना कोई फायदा नहीं पहुंचाता दिख रहा है। जनवरी में जहां बीजेपी को 24 और फरवरी में 21 सीटें मिल रही थीं वहीं मार्च में घटकर उसे 19 सीटें मिल रही हैं। लेकिन एलजेपी को एक सीट का फायदा होता दिख रहा है। एलजेपी को दो सीटें मिल सकती है। अब अगर महाराष्ट्र की बात करें तो कांग्रेस-एनसीपी की लोकप्रियता में गिरावट आती दिख रही है वहीं बीजेपी-शिवसेना की झोली भरती दिख रही है।
आंकड़ो के लिहाज़ से बीते दो महीनों में यहां नरेंद्र मोदी नहीं उद्धव ठाकरे का जलवा दिख रहा है। एबीपी न्यूज़-नील्सन के ताज़ा सर्वे के मुताबिक महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी को महज़ 13 सीटें मिल सकती हैं, जो कि जनवरी के सर्वे के मुकाबले में तीन सीटें कम हैं। इस गठबंधन को जनवरी के सर्वे में 16 सीटें, फरवरी के सर्वे में 14 सीटें मिलने का अनुमान था यानी कांग्रेस-एनसीपी की लोकप्रियता में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
इसके उलट बीजेपी-शिवसेना गठंबधन को जनवरी के मुकाबले चार सीटों के फायदे का अनुमान है।
सर्वे के मुताबिक बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को 31 सीटें मिल सकती हैं, जबकि जनवरी के सर्वे में 27 सीटें, फरवरी के सर्वे में 28 सीटें मिलने का अनुमान था। सर्वे से साफ जाहिर है कि महाराष्ट्र में जनता धीरे-धीरे इस गठबंधन की ओर झुक रही है। पश्चिम बंगाल में ममता दीदी का जादू चल रहा है। एबीपी न्यूज़-नीलसन के सर्वे के मुताबिक पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभर सकती है और उसकी झोली में 28 सीटें जा सकती हैं।
हालांकि, फरवरी के मुकाबले ममता को एक सीट का नुकसान दिख होता रहा है, लेकिन जनवरी के मुकाबले अभी भी दो सीटों का फायदा दिख रहा है। इसके उलट जैसे-जैसे चुनाव के दिन करीब आ रहे हैं 30 सालों तक राज्य की सत्ता की बागडोर संभालने वाली वामपंथी पार्टियों की हालत पतली बनी हुई है। सर्वे के मुताबिक लेफ्ट पार्टियों को 10 सीटें मिलने का अनुमान है। इस तरह जनवरी के मुकाबले लेफ्ट को तीन सीटों का नुकसान हो सकता है, लेकिन फरवरी के मुकाबले उसे सीटों का नुकसान नहीं होता दिख रहा है।












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