कांग्रेस की शर्मनाक हार के बाद TMC का प्रस्ताव, हमारी पार्टी में कर लीजिए विलय
नई दिल्ली, 11 मार्च। कांग्रेस पार्टी को जिस तरह से पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा उसके बाद कांग्रेस के सामने अपने अस्तित्व को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने काग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को चुनौती देने में पूरी तरह से फेल हो गई है। टीएमसी के नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को अब टीएमसी में अपना विलय कर लेना चाहिए और ममता बनर्जी के नेतृत्व में आगे बढ़नाचाहिए, जोकि एक मात्र नेता हैं जो भाजपा को हरा सकती हैं।

कांग्रेस को टीएमसी में विलय कर लेना चाहिए
टीएमसी नेता और पश्चिम बगाल में मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि आखिर क्यों इतनी पुरानी पार्टी कांग्रेस अब गायब हो रही है। हम भी इस पार्टी का हिस्सा रहे हैं। कांग्रेस को टीएमसी में मिल जाना चाहिए। यह सही समय है। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस के सिद्धांतों पर हम नाथूराम गोडसे के सिद्धांत पर चलने वालों के खिलाफ लड़ सकते हैं।

कांग्रेस भाजपा से नहीं लड़ सकती
टीएमसी के प्रवक्ता कुनाल घोष भी हाकिम के बयान को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमने बहुत समय पहले भी यह कहा है कि काग्रेस भाजपा जैसी ताकतों के खिलाफ नहीं लड़ सकती है। भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए ममता बनर्जी जैसे नेताओं की हमे जरूरत है। कांग्रेस को यह बात समझनी चाहिए। इससे पहले टीएमसी के मुखपत्र जागो बांग्ला में कई बार इस तरह के लेख छप चुके हैं। कांग्रेस के भीतर चल रही कलह, पार्टी सिर्फ ट्विटर पर राजनीति करती है बजाए इसके कि जमीन पर भाजपा के खिलाफ विपक्ष को मजबूत करे और बड़ा गठबंधन तैयार करे।

पहले भी टीएमसी दे चुकी है सुझाव
एक संपादकीय में जागो बांग्ला में लिखा गया, हम भाजपा का विकल्प चाहते हैं,भाजपा के खिलाफ एक गठबंधन चाहते हैं। हमने कई बार यह कांग्रेस से कहा है। लेकिन ऐसा लगता है कांग्रेस को इसकी चिंता ही नहीं है। ऐसा लगत है कि कांग्रेस खुद को ट्विटर तक ही सीमित रखना चाहती है। हालांकि अहम बात यह है कि टीएमसी गोवा में कुछ खास नहीं र सकी और यहां अपना खाता तक नहीं खोल सकी। उनके गठबंधन के साथी एमजीपी ने जरूर दो सीटों पर जीत दर्ज की और दोनों ने कहा है कि वह भाजपा को अपना समर्थन देंगे, जिसके बाद टीएमसी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। कुनाल घोष नेकहा कि हमने पहली बार गोवा में चुनाव लड़ा और हम इससे संतुष्ट हैं। लेकिन एमजीपी ने जो फैसला लिया है उसपर कुछ नहीं कह सकते हैं। हमे उनके फैसले के बारे में नहीं पता है।

कांग्रेस ने किया पलटवार, भाजपा ने कसा तंज
वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि टीएएमसी भाजपा की सबसे बड़ी एजेंट है। अगर ये भाजपा के खिलाफ इतने ही गंभीर हैं तो उन्हें कांग्रेस के साथ मिल जाना चाहिए। वहीं भाजपा ने गोवा में टीएमसी के प्रदर्शन पर तंज कसा है। सुकांत मजूमदार ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी फिर से पीएम का चेहरा होंगे। विधानसभा चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल के बाहर टीएमसी कुछ नहीं है। जबकि आप पंजाब में सरकार बनाने जा रही है, लिहाजा उन्हें अब तय करना होगा कि विपक्ष का चेहरा कौन होगा केजरीवाल या ममता।












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