कोरोना वैक्सीन कार्ड में पीएम मोदी की फोटो पर विवाद, TMC ने बताया पब्लिसिटी स्टंट

नई दिल्ली: पूरे देश में कोरोना महामारी फैली हुई है। सोमवार को कोरोना वायरस पर सरकार ने बड़ा वार किया, जहां टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू हुआ। इस चरण में आम जनता को वैक्सीन दी जा रही है। वहीं वैक्सीन के बाद जो प्रमाण पत्र लोगों को दिया जा रहा है, उस पर विवाद खड़ा हो गया है। पश्चिम बंगाल के सत्ताधारी दल टीएमसी ने इसे नियमों के खिलाफ बताया। साथ ही प्रमाण पत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पब्लिसिटी स्टंट कहा है।

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टीएमसी के राज्यसभा सांसद और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख संतनु सेन ने कहा कि प्रमाण पत्र पर पीएम मोदी की फोटो लगी है, जो सरासर गलत है। इसके अलावा उन्होंने पूछा कि क्यों पीएम मोदी ने वैक्सीन का शॉट लेते वक्त मास्क नहीं लगाया था। वैसे पीएम मोदी नियमों की तो बहुत बात करते हैं, लेकिन खुद WHO के मानदंडों को तोड़ा।

सेन ने आगे कहा कि सभी PM का मतलब प्राइम मिनिस्टर जानते हैं, लेकिन मोदी के मामले में PM का मतलब पब्लिसिटी मास्टर है। मौजूदा वक्त में बंगाल में आदर्श आचार संहिता लागू है, फिर भी इस बारे में बात नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि ये कोई पहला मामला नहीं है, जब 2018 में आयुष्मान भारत योजना शुरू हुई थी, तो भी कार्ड पर पीएम मोदी की फोटो थी, जो 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उनका राजनीतिक स्टंट था।

संतनु सेन के मुताबिक जब पुलवामा हमला हुआ था तो पीएम खुद मोर को दाने खिलाने में बिजी थे। अब तक जो टीकाकरण हुआ, उसके प्रमाण पत्र में पीएम मोदी की फोटो नहीं थी। चुनाव का ऐलान होते ही प्रमाण पत्र में पीएम की फोटो आ गई। वहीं जिन दो नर्सों ने पीएम को वैक्सीन दी वो ऐसे राज्यों से थीं, जहां चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में ये भी चुनावी स्टंट था। वहीं उन्होंने पूछा कि आमतौर पर बच्चों को टीका लगाया जाता है, क्या उनके भी कार्ड में पीएम की फोटो रहती है।

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