'क्या सुवेंदु ने परेश रावल की मछली वाली टिप्पणी की निंदा की', TMC नेता ने जमकर सुनाई खरी-खोटी
परेश रावल ने कहा, 'सिलेंडर महंगे हैं पर वे सस्ते हो जाएंगे। लेकिन अगर रोहिंग्या प्रवासी, बांग्लादेशी आपके आसपास दिल्ली की तरह रहने लगे तो? गैस सिलेंडर का आप क्या करेंगे? क्या आप बंगालियों के लिए मछली पकाएंगे?'

Paresh Rawal fish remark Controversy: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अभिनेता और भाजपा नेता परेश रावल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इतना ही नहीं परेश रावल की मछली वाली टिप्पणी को लेकर उन्होंने पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को भी घेरा है। अभिषेक बनर्जी ने कहा, ''क्या अभी तक सुवेंदु अधिकारी ने इस बयान की आलोचना की है। नहीं की है...पता है क्योंकि जैसे ही अधिकारी इस तरह की टिप्पणियों का विरोध करेंगे, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) उन्हें भी नोटिस भेजने लगेंगे।''

'सुवेंदु अधिकारी में निंदा करने की हिम्मत ही नहीं है...'
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ''सुवेंदु अधिकारी दिल्ली में अपने आकाओं के पैरों पर गिरे रहते हैं। "क्या अधिकारी ने एक बार ऐसी टिप्पणियों का विरोध किया है? उनमें ऐसा करने की हिम्मत ही नहीं है।'' शुक्रवार को माकपा पश्चिम बंगाल के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने परेश रावल की टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

क्या दिया था परेश रावल ने बयान?
गुजरात में बीजेपी के लिए प्रचार करते हुए परेश रावल ने कहा था, "गैस सिलेंडर महंगा है लेकिन कीमतें नीचे आ जाएंगी। लोगों को रोजगार भी मिलेगा। लेकिन क्या होगा अगर रोहिंग्या प्रवासी और बांग्लादेशी दिल्ली की तरह आपके आसपास रहने लगे? क्या होगा?" आप गैस सिलेंडर से क्या करेंगे, बंगालियों के लिए मछली पकाएंगे...।''

परेश रावल ने दी थी सफाई?
बयान पर विवाद होने के बाद परेश रावल ने एक स्पष्टीकरण जारी किया और ट्वीट किया, ''बेशक मछली कोई मुद्दा नहीं है क्योंकि गुजराती मछली पकाते और खाते हैं। लेकिन मैं बंगाली से स्पष्ट कर दूं कि मेरा मतलब अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या से है। लेकिन फिर भी अगर मैंने आपकी भावनाओं और भावनाओं को ठेस पहुंचाई है तो मैं माफी मांगता हूं।''

परेश रावल की माफीनामे पर क्या बोले टीएमसी नेता
अभिषेक बनर्जी ने परेश रावल के स्पष्टीकरण पर प्रतिक्रिया दी और कहा, "परेश रावल ने बंगाली से कहा कि उनका मतलब बांग्लादेशी और रोहिंग्या है। वह मछली खाने वाले बंगालियों पर कटाक्ष करते हैं। पूर्वी मिदनापुर मछली पकड़ने का केंद्र है, यहां 2 लाख से अधिक मछुआरे रहते हैं और भाजपा उनको गालियां दे रही है।" क्या हम रोहिंग्या हैं?"












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