तिरुपति बालाजी मंदिर में लॉकडाउन के बाद बना रिकॉर्ड, एक दिन में हुंडी में दान हुए इतने करोड़ रुपए

तिरुपति बालाजी मंदिर में लॉकडाउन के बाद बना रिकॉर्ड, एक दिन में हुंडी में दान हुए इतने करोड़ रुपए

बेंगलुरु। भारत के अमीर मंदिरों में शामिल आंध्रप्रदेश का प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर लॉकडाउन के बाद जून माह में ही भक्‍तों के लिए खोल दिया गया था। कोरोना महामारी के चलते मार्च माह से मंदिर बंद था लेकिन जबसे मंदिर भक्‍तों के लिए खोला गया तभी से भक्‍तों का भगवान बालाजी के दर्शन करने के लिए ताता लगा हुआ है। पिछले शनिवार को लॉकडाउन के बाद पहली बार मंदिर में रखी हुंडी में लोगों ने मन भर दान किया। जिसके बाद लॉकडाउन के बाद मंदिर को अब तक मिले दान के पिछले रिकार्ड तोड़ दिए।

एक दिन में हुंडी में दान हुए 1.02 करोड़ रुपए

एक दिन में हुंडी में दान हुए 1.02 करोड़ रुपए

तिरुमाला भगवान बालाजी मंदिर को शनिवार को एक दिन में 1.02 करोड़ रुपये की हुंडी आय प्राप्त हुई। लॉकडाउन के बाद दोबारा खोलने के बाद यह पहली बार था कि हुंडी की आय एक दिन में 1 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। एक विज्ञप्ति में, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने कहा कि शनिवार को मंदिर के अंदर 13,486 भक्त थे और रविवार को उनके द्वारा दान किए गए धन की गिनती की गई। तिरुमाला भगवान बालाजी मंदिर ने शनिवार को एक दिन में 1.02 करोड़ रुपये की हुंडी आय प्राप्त की। पोस्ट लॉकेशन के दोबारा खोलने के बाद यह पहली बार था कि हुंडी की आय एक दिन में 1 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। कोरोनोवायरस संकट के बीच मंदिर में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित था। मंदिर 11 जून को तीर्थयात्रियों के लिए फिर से खुल गया।

समान्‍य दिनों में जानें मंदिर को कितनी होती है आमदनी

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बता दें आंध्र प्रदेश की तिरुमला पहाडि़यों पर स्थित तिरुपति बालाजी के प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर के इस वित्‍तीय वर्ष में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट ने 2,500 करोड़ रुपये सिर्फ खर्च का अनुमान तय किया था। सामान्य तौर पर ट्रस्ट को हर महीने लगभग 200 से 220 करोड़ रुपये की आमदनी होती है। इनमें से बड़ी रकम दान के रूप में आती है तो उसका एक हिस्सा प्रसाद के तौर पर लड्डू बेचकर भी ट्रस्ट के खाते में जमा होती है। 2016 के आंकड़े के मुताबिक तो ट्रस्ट ने 75 करोड़ रुपये सिर्फ लड्डू बेचकर जुटाए थे। अगर 2018-19 की बात करें तो मंदिर को 2,894 करोड़ रुपये का सालाना राजस्व मिला था।

कोरोना काल में मंदिर बंद होने पर भी ट्रस्‍ट ने 23,000 स्टाफ को दिया पूरा वेतन

कोरोना काल में मंदिर बंद होने पर भी ट्रस्‍ट ने 23,000 स्टाफ को दिया पूरा वेतन

श्री वेंकटेश्वर बालाजी को चढ़ावे में ही मोटे तौर पर 200 करोड़ रुपये महीने आते हैं, लेकिन कोरोना महामारी के चलते देशव्‍यापी लॉकडाउन की वजह से मंदिर की यह मोटी कमाई पूरी तरह से रुक गई थी। इसके बावजूद भगवान वेंकटेश्वर के आशीर्वाद से तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड ने अब तक हुए 400 करोड़ रुपये के नुकसाने के बावजूद मंदिर में काम करने वाले सभी तरह के 23,000 स्टाफ को कम से कम तीन महीने तक पूरी सैलरी और पेंशन दी। बोर्ड ने बताया कि मंदिर के फंड के फिक्स डिपॉजिट में आमदनी होगी, वह उसी से स्टाफ को सैलरी देने में सक्षम था।

प्रदेश सरकार ने इस मंदिर के बही-खातो का आडिट करवाने के लिए भरी हामी

प्रदेश सरकार ने इस मंदिर के बही-खातो का आडिट करवाने के लिए भरी हामी

गौरतलब है कि पिछले दिनों भाजपा सांसद सुब्रमण्‍यम स्वामी की धार्मिक संस्थानों की आमदनी और खर्चों की सीएजी ऑडिट करवाने की मुहिम रंग लाई। आंध्र प्रदेश सरकार ने दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में से एक श्री बालाजी वेंकटेश्वर स्वामी के बही-खातों की ऑडिट सीएजी से कराने के लिए तैयार हो गई। तिरुपति बालाजी मंदिर को होने वाली आय आंध्र प्रदेश चुनाव में भी मुद्दा बन चुकी है।

सीएजी 2020-21 के लिए मंदिर के खातों का ऑडिट करेगा

सीएजी 2020-21 के लिए मंदिर के खातों का ऑडिट करेगा

तिरुपति मंदिर के खातों की सीएजी ऑडिट कराने की मंजूरी आंध्र प्रदेश सरकार ने भगवान वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर का संचालन करने वाले ट्रस्ट तिरुमाला तिरुपति देस्थानम के आमदनी और खर्चों का सीएजी से ऑडिट करने की मंजूरी दे दी थी। इस तरह से दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में से एक मंदिर के हिसाब-किताब की जांच देश के संवैधानिक दायरे में आ चुका है। आधिकारिक घोषणा के मुताबिक सीएजी 2020-21 के लिए मंदिर के खातों का ऑडिट करेगा।

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